साहित्यकारों और कलाकारों की जगह भाजपा पदाधिकारियों को भेजा गया, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को लेकर जिले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा पर शासन की गाइडलाइन की अनदेखी कर यात्रा को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा समाज के विशिष्ट और प्रतिभाशाली लोगों के लिये थी लेकिन पात्र व्यक्तियों की जगह भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी गई।गुलाब कमरो ने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यात्रा के लिये जिले की संस्कृति, लोककला, इतिहास और सामाजिक जीवन से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों, साहित्यकारों, कलाकारों और समाजसेवियों का चयन किया जाना चाहिये। इसके बावजूद इन वर्गों की उपेक्षा कर भाजपा संगठन से जुड़े लोगों के नाम शामिल किये गये। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने शासन की गाइडलाइन की अनदेखी करते हुए स्वयं सहित पार्टी पदाधिकारियों के नाम यात्रा के लिये प्रस्तावित कराये। कमरो ने सवाल उठाया कि यदि सरकारी नियमों का पालन ही नहीं होना था तो पात्र नागरिकों से आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया का क्या औचित्य था।
पूर्व विधायक ने कहा कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि उन वास्तविक हकदारों के साथ अन्याय है जिन्हें इस यात्रा का अवसर मिलना चाहिये था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजना का उपयोग राजनीतिक हित साधने के लिये किया गया।कमरो ने भाजपा के “सबका साथ, सबका विकास” के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारियों तक सीमित रहेगा तो आम नागरिकों का विश्वास कमजोर होगा।उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था किसी राजनीतिक दल की बपौती नहीं हैं। धार्मिक यात्राओं और सरकारी योजनाओं को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही और भविष्य में शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।



