उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2 से 8 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रहेंगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर लगातार सात दिनों तक वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बिजली गिरने और वज्रपात का बढ़ा खतरा:- मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन और बिजली चमकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. विशेष रूप से खुले स्थानों, खेतों और जलाशयों के आसपास मौजूद लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है.
यूपी में भी मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट:- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने राहत के बजाय सतर्कता बरतने की सलाह दी है. 2 जुलाई को कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. 3 और 4 जुलाई को भी गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा. वहीं 5 से 7 जुलाई तक कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
तापमान में गिरावट, लेकिन उमस बनी रहेगी:- पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है. फतेहगढ़ में 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर 21.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा. लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रहने की संभावना है.



