भारत में बीयर इंडस्ट्री पिछले कुछ महीनों से अच्छी रफ्तार से बढ़ रही है. बिक्री में लगभग डबल डिजिट (करीब 10%) की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसकी वजह कुछ राज्यों में हुए सुधार और अनुकूल मौसम को माना जा रहा है. हालांकि, बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के मुनाफे पर अब भी दबाव बना हुआ है. यह बात यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (UBL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विवेक गुप्ता ने कही. विवेक गुप्ता ने कहा, “कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हुए अच्छे सुधारों और मौसम की वजह से बीयर की मांग लगातार बढ़ रही है.”
बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घटा:- उन्होंने कहा कि बिक्री के लिहाज से इंडस्ट्री की स्थिति काफी मजबूत है, लेकिन मुनाफे (मार्जिन) पर भारी दबाव बना हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं. गुप्ता के मुताबिक, दुनिया में चल रहे संघर्षों (युद्ध) का असर कांच की बोतलों, एल्युमीनियम कैन और आयात होने वाले कच्चे माल की कीमतों पर पड़ा है. इसके अलावा रुपये की कमजोरी (कमज़ोर विनिमय दर) ने भी लागत बढ़ा दी है. इससे कारोबार करना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है. उन्होंने कहा, “फिलहाल हमारी बिक्री अच्छी गति से बढ़ रही है, लेकिन युद्ध के असर से जो मुनाफे में कमी आई है, उसे वापस पाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है.”
संतुलित मानसून ज्यादा जरूरी:- उत्तर भारत में जून के दौरान पड़ी असामान्य गर्मी पर गुप्ता ने कहा कि इंडस्ट्री के लिए कुछ दिनों की ज्यादा गर्मी से ज्यादा महत्वपूर्ण अच्छा और संतुलित मानसून है. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि देश में अच्छा मानसून हो, क्योंकि मजबूत अर्थव्यवस्था और संतुलित बारिश हमारे लिए कुछ दिनों की अतिरिक्त गर्मी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है.” उन्होंने यह भी कहा कि मौसम में 10-15 दिनों के बदलाव का कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता.
ज्यादा गर्मी भी घटा सकती है बीयर की मांग:- गुप्ता ने बताया कि बहुत ज्यादा गर्मी होने पर लोग घर से कम निकलते हैं. चूंकि बीयर को आमतौर पर दोस्तों और परिवार के साथ सामाजिक मेलजोल के दौरान पिया जाता है, इसलिए अत्यधिक गर्मी इसकी खपत पर भी असर डाल सकती है.
युवाओं की पहली पसंद बन रही बीयर:- युवाओं के बीच बीयर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. अब युवा ज्यादा तेज़ शराब की बजाय हल्के अल्कोहल वाले पेय चुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, करीब 70-75% लोग अपनी पहली शराब के रूप में बीयर का ही चुनाव करते हैं. इससे साफ है कि देश में बीयर पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.



