भारत के स्वच्छ ऊर्जा अभियान ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है. इसमें पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना का बहुत अहम भूमिका रही है. इस योजना के तहत अब तक 36.47 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं और 44.32 लाख से ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है.‘मुफ्त बिजली’ के इस वादे का पूरा फायदा उठाने के लिए जानकार एक बहुत ही आसान आदत अपनाने की सलाह देते हैं. अगर आपने भी अपने घर पर सोलर पैनल लगा रखा है और इसका इस्तेमाल सही ढंग से नहीं करते हैं तो बिजली उत्पादन 30% तक कम हो सकती है. तो आइए विस्तार से जानते हैं कि वो क्या चीजें है जो आपको नहीं करनी चाहिए और कैसे आप अपने सोलर पैनल को सही रख सकते हैं.
पैनलों की नियमित सफाई है जरूरी:- पैनलों पर धूल और गंदगी जमा होने से बिजली का उत्पादन 05 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है. वहीं, इसे साफ करने में हर महीने महज कुछ मिनटों का समय लगता है और कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं आता. मई के दौरान हर महीने होने वाले इंस्टॉलेशन का आंकड़ा 3.16 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि देश के लाखों परिवार पहली बार खुद अपनी बिजली बना रहे हैं. जैसे-जैसे सोलर पैनल लगाने वाले घरों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी हो गया है कि हर पैनल अपनी पूरी क्षमता से काम करे.
लाभार्थी को मिलती है की गारंटी:- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्टर्ड वेंडर्स हर लाभार्थी को 5 साल की व्यापक रखरखाव गारंटी देते हैं, जिससे परिवारों को लंबे समय के लिए सुरक्षा और भरोसा मिलता है. इस सरकारी सपोर्ट के साथ-साथ, परिवार खुद भी एक छोटा सा कदम उठा सकते हैं नियमित सफाई. यह बिजली उत्पादन को अधिकतम करने और हर महीने होने वाली बचत को बढ़ाने का सबसे सरल उपाय है. धूल जमा होने के कारण यदि पैनल की क्षमता 5 से 30 प्रतिशत तक घटती है, तो वह कम यूनिट बिजली बनाएगा. नतीजा? आपको बिजली का बिल ज्यादा चुकाना पड़ेगा. जब सोलर पैनलों की सतह पर धूल, मिट्टी, गाड़ियों का धुआं, पक्षियों की बीट और सूखे पत्ते जमा हो जाते हैं, तो वे सूरज की रोशनी को पैनल के सेल्स तक पहुंचने से रोकते हैं. इससे बिजली बनाने की क्षमता 5% से 30% तक कम हो जाती है और हमेशा के लिए पैनल खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है.
अपने सोलर पैनल को सही-सालमत कैसे रखें
- धूल, पत्ते और पक्षियों की बीट आपके सोलर पावर को 5% से 30% तक कम कर सकते हैं. अपने सिस्टम को पूरी क्षमता से चलाने के लिए नियमित सफाई बेहद जरूरी है.
- शेड्यूल: यदि आप धूल-मिट्टी वाले या औद्योगिक (industrial) इलाकों में रहते हैं, या फिर धूल भरी आंधी और पक्षियों का आना-जाना ज्यादा हो, तो हर महीने सफाई करें.
- सबसे सही समय: सुबह जल्दी या देर शाम को सफाई करें.
सफाई करने का स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस
- सिस्टम को अलग करें : सबसे पहले इनवर्टर और डीसी आइसोलेटर को OFF कर दें. चालू सिस्टम को कभी साफ न करें.
- ठंडा होने दें : पैनलों को ठंडा होने के लिए कम से कम 30 मिनट का इंतजार करें.
- सूखी धूल हटाना : ऊपरी सूखी धूल को साफ करने के लिए किसी मुलायम ब्रश या माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें.
- गीली सफाई : साफ और कम मिनरल वाले (नॉर्मल) पानी के साथ एक मुलायम स्पंज या मॉप (poha) का उपयोग करें. पैनल को हमेशा सीधी रेखा (सीधे स्ट्रोक्स) में साफ करें.
- पानी से धोएं : बची हुई गंदगी को पूरी तरह हटाने के लिए साफ पानी से धो दें.



