लंबित राजस्व प्रकरणों पर सख्त रुख, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारा मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश, आमजन को त्वरित राहत दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
सकरी। (कैलाश वस्त्रकार) जिले में राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, संवेदनशील और समयबद्ध बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शनिवार को सकरी तहसीलों का औचक निरीक्षण कर राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने तहसीलों में नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा तथा वर्षों से लंबित अन्य राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। प्रत्येक प्रकरण का निराकरण शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों, लंबित प्रकरणों के पंजी एवं निराकरण की प्रगति का भी अवलोकन किया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर निपटाया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को त्वरित, सरल, पारदर्शी और प्रभावी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें तथा राजस्व कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें।
जिला प्रशासन की इस सक्रिय पहल से न केवल वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों का राजस्व व्यवस्था पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होने की संभावना है। प्रशासन का यह कदम सुशासन की अवधारणा को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



