अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू : जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के सहयोग से आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है जिसमे पारंपरिक खेती पद्धति में एक बढ़ा बदलाव देखने को मिल रहा है । आधुनिक नवीन तकनीकी से पैडी ट्रांसप्लान्टर धान की रोपाई में समय की बचत, लागत में कमी आ रही हैं।जिले के विकासखंड बालोद के ग्राम कोहंगाटोला के कृषक दुष्यंत कुमार साहू, कृष्णा साहू एवं शत्रुघन के द्वारा 25.00 एकड़ में पैडी ट्रांसप्लान्टर से धान रोपाई का कार्य किया जा रहा है।
कृषि विभाग के द्वारा अनुदान राशि 7500.00 प्रति हे.के हिसाब से आर्थिक सहायता राशि प्रदान किया जाता है। धान रोपाई के समय के. आर. पिददा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, रूपेंद्र कुमार साहू एवं चंद्रमुखी साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तकनीकी मागदर्शन हेतु उपस्थित रहे।
भविष्य में पैडी ट्रांसप्लान्टर से धान रोपाई करने पर समय एवं लागत में कमी एवं उत्पादन में वृद्धि होने की सम्भावना —
के. आर. पिददा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने बताया कि पहले जहां पारंपरिक रूप से मजदूरों द्वारा रोपाई करने में 20 से 25 दिनों का लंबा समय लग जाता था, वहीं इस मशीन की मदद से यह काम बेहद कम समय में और सटीक तरीके से पूरा हो रहा है। पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से पौधे एक निश्चित दूरी और एकदम सीधी कतारों में रोपे जाते हैं, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर होती है और बाद में निंदाई करने में आसानी होती है। कृषि सीजन में अक्सर मजदूरों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।उन्होंने बताया धान की रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर का उपयोग सबसे बेहतरीन और लाभकारी तरीका है। इस आधुनिक बदलाव से न सिर्फ किसानों की मेहनत कम हो रही है, बल्कि समय पर रोपाई होने से पैदावार में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। बता दे कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अन्य किसान भी अब इस तकनीक को समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।


