बाबा लिंगराज और माता बाट मंगला के दरबार में टेका माथा
महासमुंद : बसना विधायक सम्पत अग्रवाल रथ यात्रा की पर्व की पूर्व संध्या ओडिशा के पूरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में परिवार समेत दर्शन के लिए पहुंचे। अपनी परिवारिक धार्मिक यात्रा के प्रथम चरण में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल प्राकृत और पौराणिक नगरी भुवनेश्वर पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले ऐतिहासिक और दिव्य श्री लिंगराज मंदिर में जाकर देवाधिदेव महादेव (भगवान भोलेनाथ) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पुरी की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक भुवनेश्वर में बाबा लिंगराज का आशीर्वाद न मिल जाए, क्योंकि यह भूमि हरि (विष्णु) और हर (शिव) के मिलन का प्रतीक है। विधायक डॉ. अग्रवाल ने महादेव के चरणों में शीश नवाकर समस्त छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना की।
भुवनेश्वर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के पश्चात विधायक सपरिवार महाप्रभु की नगरी पुरी पहुंचे। पुरी की सीमा में प्रवेश करते ही उन्होंने जगन्नाथ धाम की रक्षक मानी जाने वाली श्री बाट मंगला माता मंदिर में दर्शन किए। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता बाट मंगला ही जगन्नाथ पुरी आने वाले श्रद्धालुओं के मार्ग (बाट) को सुगम और सुरक्षित बनाती हैं। विधायक ने माता रानी की आरती उतारकर समूचे प्रदेश की उन्नति का आशीर्वाद मांगा। इस पावन अवसर पर बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल भावुक और भक्तिमय नजर आए। उन्होंने कहा कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की महिमा अपरंपार है। मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे प्रति वर्ष रथ यात्रा के इस पावन पर्व पर भगवान जगन्नाथ जी, बड़े भाई बलभद्र जी और सुभद्रा मइया का आशीर्वाद लेने का अवसर मिलता है।
महाप्रभु की यह भक्ति और खींच लाती है। विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि रथयात्रा सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि मानव जाति को समरसता, प्रेम और समर्पण का संदेश देने वाला ईश्वरीय आयोजन है। जब भगवान स्वयं गर्भगृह छोड़कर अपनी जनता के बीच, अपने भक्तों को दर्शन देने सड़क पर आते हैं, तो वह दृश्य अकल्पनीय होता है। उन्होंने महाप्रभु के चरणों में प्रार्थना की है कि हमारे छत्तीसगढ़ का हर नागरिक आरोग्यता पाए, किसानों के खेत लहलहाएं, युवाओं को नई दिशा मिले और हमारा पूरा प्रदेश खुशहाली के मार्ग पर आगे बढ़े।



