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विधानसभा में भूपेश बघेल का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- हर मोर्चे पर फेल है साय सरकार

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रायपुर :विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम सदन में विपक्ष ने भाजपा  सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर 136 बिंदुओं पर हमला बोला. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सिलसिलेवार हमला बोलते हुए कहा कि ढाई साल में सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार अदृश्य शक्ति चला रही है.

करीब एक घण्टे तक दिए गए भाषण की शुरुआत भूपेश बघेल ने अजय चंद्राकर की ओर से नेता प्रतिपक्ष पर लगाए उस आरोप के साथ कि, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह झाड़ू लगाने को तैयार हैं। बगैर सोनिया गांधी,राहुल गांधी का नाम लिए बगैर भाषण नहीं होता। सोनिया जी इटली से आई और भारत की होकर रह गई हमे इस पर गर्व है लेकिन आप जिस शुचिता की बात करते हैं इसलिए आपको ये जानना चाहिए कि गोलमेज के सम्मेलन में मुंजे भी गए थे और वो सीधे भारत नहीं आए इटली होकर आए। वहाँ उन्होंने मुसोलिनी से राष्ट्रवाद सीखा और इटली से वो ड्रम लेकर आए जो आरएसएस के लोग बजाते हैं। आपकी पहचान, संस्कृति और प्रेरणा मुसोलिनी से ही है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने टिप्पणी कर कहा- मुंजे का आरएसएस से क्या संपर्क था? इटली से आप जुड़े हैं दुनिया को क्यों जोड़ रहे हैं। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि यही तो आरएसएस है जो जब चाहे तब लोगों को अपना बना लेती है और बाद में मुँह मोड़ लेती है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अदृश्य शक्ति है जो सरकार बनने के पहले ही छत्तीसगढ़ को चलाना शुरू कर दिया था। किसके इशारे पर सरकार चल रही है।

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कहा कि मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब सरकार कौन चलाता था। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि मनमोहन सिंह के बारे में आप तो रहने दीजिए जब वह बोलते थे तब पूरी दुनिया सुनती थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री का अमेरिका ने 75 बार अपमान कर चुका है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने तो ये तक कहा है कि उनका राजनीतिक करियर बर्बाद कर सकता हूँ।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर सत्तापक्ष का जवाब घिसपिटा था। अजय चंद्राकर जब बोलते थे तब दिल से आवाज नहीं निकल रही थी। सुनकर मजा नहीं आ रहा था। हम वही गौठान, वही धान खरीदी सब सुन रहे थे। आज सरकार क्या कर रही है? आज रकबा की कटौती नहीं हो रही है। हर किसान पटवारी और तहसीलदार के चक्कर लगा रहे हैं। सरकार की धान ख़रीदी की व्यवस्था पूरी तरह से फेल रही है। हमारे आरोप पत्र में एक-एक गड़बड़ी शामिल की गई है। जब से साय सरकार आई है धान भीग रहा है। धान सड़ रहा है। धान अब तक संग्रहण केंद्र में रखा है। डबल इंजन सरकार का सिर्फ एक लाभ मिला है कि धान जमा करने की मियाद केंद्र से अप्रैल तक मिल था। उसके बाद भी जमा नहीं किया जा सका। प्रताड़ित सोसाइटी के लोग हो रहे हैं। किसानों मो डीएपी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। आप युद्ध की बात करते हैं लेकिन इसका असर सरकार को ही क्यों पड़ रहा है। प्राइवेट कपनियों को क्यों नहीं पड़ा है। सरकार एक काम अच्छा कर रही है कि पहले शॉर्टेज क्रिएट कर दो और बाजार में ऊँचे दाम पर ख़रीदो। किसान आज इसी शॉर्टेज से महंगे दाम पर बाजार से ख़रीदने पर मजबूर है। आज प्रति बोरी किसानों को सात सौ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। किसान यूरिया, पोटाश डालने का आदि है लेकिन सरकार एनपीए दे रही है। सरकार किसानों के साथ साजिश कर रही है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कहीं कोई समस्या नहीं है। आप लोगों को भरमाने की आदत है। किसानों को कम से कम छोड़ दो। भूपेश बघेल ने पूछा कि किसान अगर दो बोरी यूरिया एक एकड़ खेत में डाल रहा है और अब एनपीके डाल रहा है तो इसका कितना अनुपात होगा? बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है। मैंने जब ये देखा कि अलग-अलग जगह अलग-अलग खाद है तो कोई इसकी स्थिति बताने को तैयार नहीं है। मैं जब सोसाइटी घूमने लगा तो  सरकार उन-उन जगहों पर पहुँचाने लगी। हमारी सरकार में हमने कोरोना के वक्त पर भी किसानों को किसी तरह की समस्या होने नहीं दिया। यूपी जैसे राज्यों में किसान रो रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार किसानों को ठगने का काम कर रही है। राज्य की 70 फीसदी आबादी किसानों की है। कृषि मंत्री कह रहे थे कि धान के बदले दूसरी फसल लें तो प्रोत्साहन देंगे लेकिन कितने किसानों को ये राशि दी गई? हमारी सरकार थी तब हमने 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ दिया था। लोगों की आय कैसे खत्म हो इसका षड्यंत्र सरकार ने किया है।

भूपेश बघेल ने कहा कि ये स्थिति राज्य में पहली बार बनी है कि तेंदूपत्ता ख़रीदने के लिए सरकार को कर्ज लेना पड़ा। गरीबों की हित की बात सरकार कर रही है लेकिन महतारी वंदन की बात हो या दूसरी बगैर इंटरनेट के काम नहीं होता। लोगों को कई-कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। केवाईसी नहीं होने की वजह से 30 लाख लोगों को राशन नहीं मिला। कोरोना काल में हमारी सरकार ने तीन महीने का राशन लोगों के घरों में एक साथ पहुंचाया था। जब हमारी सरकार थी तब केंद्र ने चावल लेने से मना कर दिया था। हमे खुले बाजार में चावल बेचना पड़ा था लेकिन आज तो डबल इंजन की सरकार है तब धान की नीलामी क्यों हो रही है?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार सप्लीमेंट्री बजट लेकर नहीं आई। इसके दो कारण हो सकते हैं। एक सरकार के पास पैसा नहीं है और दूसरा ये कि केंद्र से सरकार को पैसा नहीं मिल रहा जिसकी वजह से मैचिंग ग्रांट के लिए पैसा नहीं है। इसकी वजह से विधवा पेंशन नहीं मिल रहा है। नगर पालिकाओं और पंचायतों में सरकार तनख्वाह नहीं बांट पा रही है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कोई भी सरकार एकवर्षीय बजट लेकर आती है। हम पहले से ज़्यादा बेहतर ढंग से बजट ला रहे हैं। केंद्र से बराबर पैसा आता है। राज्य के हिस्से का मैचिंग ग्रांट भी दे रहे हैं। हमने एक नियम बनाया है कि बार बार सप्लीमेंट्री लेकर नहीं आना है जब जरूरत होगी तब विधायिका से अनुमति लेकर राशि ले आते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज कानून व्यवस्था की बात कहे तो सत्तापक्ष के लोगों को सरकार पर विश्वास नहीं है। यदि विश्वास होता तो सीतापुर में विधायक तहसीलदार को पीट नहीं रहा होता। रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। तीन पीढ़ी में दोस्त एक दूसरे के दुश्मन हो गए। गाड़ी में आग लगाकर तीन लोगों की हत्या हो गई। दोनों पक्ष सत्तापक्ष के थे। आरोपियों का पुलिस रिमांड नहीं हुआ। परिवार के लोग चीख कर कह रहे है कि सीबीआई जांच होनी चाहिए। अब जांच हो रही है तो सत्तापक्ष के विधायकों की भूमिका भी आनी चाहिए। बलौदबाजार की घटना पर भी समाज के लोगों ने सीबीआई जांच की माँग की थी लेकिन जाँच नहीं हुई। कहीं किसी षड्यंत्र को छिपाने की कोशिश तो नहीं हो रही?

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा बलौदाबाजार आप भी गए थे। कांग्रेस की क्या भूमिका थी? भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे कोई आपत्ति नहीं आप सीबीआई जांच करा लें? जो भी सफेद कपड़ा पहना था उसकी पिटाई हुई। भाजपा विधायक मोतीलाल साहू के बेटे की भी पिटाई हुई क्यूंकि वह सफेद कपड़ा पहनकर गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा बोड़ला में नक़ली खाद की सूचना मिली। अधिकारी भी गए थे। बगैर कार्रवाई किए लौट आए। बेदम पिटाई हुई है। सत्तापक्ष के लोग जुड़े थे। सत्तापक्ष के लोगों को ही सरकार पर विश्वास नहीं है। महादेव एप पर ईडी ने भाजपा नेता को पकड़ा है। कमाई के बंटवारे में गड़बड़ी थी। जहाँ-जहाँ गड़बड़ी हो रही है कार्रवाई हो रही है।

भूपेश बघेल ने कहा कि पेसा क़ानून आपने बनाया लेकिन लागू नहीं कर पाए। लागू हमारी  सरकार ने किया था। मध्यप्रदेश ने हमारे लागू करने के बाद किया। पुलिस के घेरे में तमनार में पूरा जंगल काट दिया। हम गए तो पुलिस प्रशासन ने हमे जाने नहीं दिया। विधायकों को जाने नहीं दिया गया। आदिवासियों का इस तरह से हित करेंगे। हसदेव का जो हाल हो रहा है वही हाल तमनार के जंगलों का हो रहा है। बस्तर का भी यही हाल है। रायपुर के एक उद्योगपति को लौह अयस्क का काम मिला है। जिस जगह पैदल नहीं जा सकते उस जगह खनन कर लिया गया। इसका मतलब ये है कि लोहा कहीं और का है। बस्तर में आदिवासी इसलिए ही डरे हैं। नक्सलवाद समाप्त हुआ है इसकी हमें भी खुशी है। यह कोई अलादीन का चिराग नहीं है पिछली सरकार ने भी बहुत काम किया था। नक्सलवाद खत्म करने में सभी सरकारों का श्रेय रहा है।

भूपेश बघेल ने कहा कि बीमा कंपनियाँ हर साल किसानों से तीन हज़ार करोड़ रुपए लूटकर ले जा रहे हैं। सरकार को जो करना है करे लेकिन कम से कम जिन योजनाओं को हमने शुरू किया था उन योजनाओं के नाम तो ना बदले।

बघेल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य खराब है। मेकाहारा जैसे अस्पताल की हालत भी खराब है। ब्लैकलिस्टेड कंपनी से राज्य में दवा ख़रीद रहे हैं। ये आरोप पत्र जनता विरोधी निर्णय का सबूत है। सरकार को एक मिनट भी कुर्सी पर रहने का अधिकार नहीं है।

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