महासमुंद :सावन मास के पावन अवसर पर बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रथम सोमवार को भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव से समस्त प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। विधायक डॉ अग्रवाल ने भगवान शिव की भक्ति एवं आराधना को समर्पित पावन श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि देवाधिदेव महादेव की असीम कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य का वास हो, यही प्रार्थना है। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव कल्याणकारी, आशुतोष और करुणा के सागर हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि सावन मास केवल एक सामान्य महीना नहीं है, बल्कि यह शिव तत्व में लीन होकर आत्मिक व आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का परम पवित्र समय है।
भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही जीव मात्र का कल्याण संभव है। सावन माह में भगवान शिव की विशेष पूजा और जलाभिषेक के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने विस्तार से बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन में ही समुद्र मंथन हुआ था। मंथन से निकले अति विनाशकारी हलाहल विष से पूरी सृष्टि की रक्षा करने हेतु भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया था। उस विष के तीव्र प्रभाव और दाह (जलन) को शांत करने के लिए समस्त देवी-देवताओं ने उन पर शीतल जल अर्पित किया था। इसी पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए आज भी भक्त सावन में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ ही, यह माह माता पार्वती की कठोर तपस्या का भी साक्षी है, जिसके फलस्वरूप उन्हें भगवान शिव पति रूप में प्राप्त हुए थे; इसीलिए इसे मनोकामना पूर्ति और अटूट भक्ति का अनुपम प्रतीक माना जाता है।



