Home देश स्वतंत्रता दिवस पर वन विभाग के उत्कृष्ट सेवकों का सम्मान:वन्यजीव सुरक्षा, वन...

स्वतंत्रता दिवस पर वन विभाग के उत्कृष्ट सेवकों का सम्मान:वन्यजीव सुरक्षा, वन अपराध रोकथाम और वानिकी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए 17 शासकीय सेवक सम्मानित

0

अलंकरण समारोह में पदोन्नत कर्मचारियों को लगाए गए स्टार, वन मंडलाधिकारी ने दी बधाई

अनूपपुर/बिजुरी। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र बिजुरी में राष्ट्रभक्ति एवं गौरवपूर्ण वातावरण के बीच विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, वन अपराधों की रोकथाम, वृक्षारोपण तथा वानिकी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वन विभाग के शासकीय सेवकों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ ही वन मंडल स्तर पर आयोजित अलंकरण समारोह में पदोन्नत शासकीय सेवकों को स्टार लगाकर नई जिम्मेदारियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने देश एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

वन एवं वन्यजीव सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान

वन परिक्षेत्र बिजुरी में पदस्थ सतीश बैगा, वनपाल बिजुरी एवं आशीष द्विवेदी, बीट गार्ड बिजुरी को वृक्षारोपण तथा वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए वन वृत्त स्तर पर मुख्य वन संरक्षक शहडोल द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वहीं जिला स्तर पर अनिल केवट, बीट गार्ड बेलगांव को वानिकी कार्यों के बेहतर संपादन एवं वन अपराधों की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए कलेक्टर अनूपपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में वन मंडल स्तर पर बेसाहन आर्मो, प स कोठी, अनिल कुमार साय बीट गार्ड कोतमा, आशीष कुमार पांडे बीट गार्ड निगवानी, लोकेंद्र सिंह बीट गार्ड भेंडरी तलैया पश्चिम, करण सिंह परस्ते बीट गार्ड केशौरी, संतोष कुमार तिवारी बीट गार्ड सरिसताल, शुभम गुप्ता बीट गार्ड जर्राटोला, साधना राठौर राम नगर बैरियर, संजय शुक्ला कंप्यूटर ऑपरेटर, दीन दयाल केवट स्थायी कर्मी, बृजमोहन कोल सुरक्षा श्रमिक एवं रामदास केवट सुरक्षा श्रमिक को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बिजुरी वन परिक्षेत्र में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

वन परिक्षेत्र बिजुरी मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र में पदस्थ समस्त शासकीय सेवकों, समिति सुरक्षा श्रमिकों एवं समिति सदस्यों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। कार्यक्रम में वंदे मातरम्, मध्यप्रदेश गान एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया।

इस दौरान देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। उपस्थित वनकर्मियों ने राष्ट्र की सेवा के साथ-साथ वन, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

पदोन्नत वनकर्मियों को लगाए गए स्टार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वन मंडल अनूपपुर में 15 अगस्त 2026 को अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश शासन की स्थायी पदोन्नति प्रक्रिया के तहत पदोन्नत वन विभाग के शासकीय सेवकों को वन मंडलाधिकारी श्री डेविड वेंकट राव चनाप ने स्टार लगाकर सम्मानित किया।

पदोन्नति पाने वाले शासकीय सेवकों में विनोद मिश्रा को कार्यवाहक उप वनक्षेत्रपाल से उप वनक्षेत्रपाल, सतीश बैगा को कार्यवाहक वनपाल से वनपाल तथा बेसाहन आर्मो को कार्यवाहक वनपाल से वनपाल पद पर पदोन्नत किया गया।

‘वनों की सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान दें’

अलंकरण समारोह में वन मंडलाधिकारी श्री डेविड वेंकट राव चनाप ने पदोन्नत सभी शासकीय सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि पदोन्नति के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। उन्होंने सभी से राष्ट्रहित, वनों के संवर्धन, वन्यजीवों की सुरक्षा और वन अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वन विभाग के मैदानी कर्मचारी प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा की पहली पंक्ति में खड़े हैं। इसलिए ईमानदारी, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना आवश्यक है।

सम्मान ने बढ़ाया वनकर्मियों का उत्साह

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को मिले सम्मान और पदोन्नत कर्मचारियों के अलंकरण से वन विभाग के अमले में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम ने जहां स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया, वहीं वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी को भी मजबूती से रेखांकित किया।

वन परिक्षेत्र बिजुरी के इस आयोजन में राष्ट्रभक्ति के साथ कर्तव्य, प्रकृति संरक्षण और जनसेवा का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here