महासमुंद : कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर शिकायतकर्ताओं को चक्काजाम करना पड़ा। चक्काजाम की सूचना पर पहुंचे अफसरो ने सज्ञान लिया और किसानों की पानी निकासी समस्या की मांग पूरी की। मामला परसदा-बेमचा-तुमाड़बरी क्षेत्र में किसानों की है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के करीब 100 एकड़ खेतो में बारिश का पानी भर जाने से खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो गई है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को तुमगांव मार्ग में परसदा गांव के पास बरसते पानी आंदोलन करते हुए चक्का जाम कर विरोध किया। आंदोलन पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर के नेतृत्व में किया गया। बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की।
किसानों का कहना था कि बारिश के दिनों में खेतों से पानी की निकासी के लिए पहले से व्यवस्था थी, लेकिन पेट्रोल पंप निर्माण के बाद पानी के प्राकृतिक निकासी मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई है।परसदा-बेमचा-तुमाड़बरी क्षेत्र के किसानों की करीब 100 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में पानी भरा रहने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी। किसानों का कहना था कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो उनकी महीनों की मेहनत और खेती में लगाया गया पैसा बर्बाद हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से कई बार पानी निकासी की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग लिखित में कलेक्टर जनदर्शन में की। समस्या का समाधान न होने से नाराज किसानों में मंगलवार को किसानों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन कर दिया।
आंदोलन की खबर के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों से रश्मि ने किसानों की समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की और कहा कि जब तक खेतों से पानी निकालने के लिए ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक किसानों की मांग को लेकर आवाज उठाई जाती रहेगी।
चक्का जाम के बाद प्रशासन हरकत में आया
किसानों के धरना प्रदर्शन और चक्का जाम की सूचना के बाद प्रशासनिक अफसरो ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रशासन की ओर से तत्काल मौके पर जेसीबी मशीन भेजी गई। जेसीबी पहुंचने के बाद खेतों से पानी की निकासी के लिए आवश्यक कार्य शुरू कराया गया। पानी के रास्ते को खोलने और निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम शुरू होते ही किसानों ने राहत की सांस ली।




