फसल सर्वेक्षण में पारदर्शिता और सटीकता जरूरी, राजस्व अमले को सावधानीपूर्वक कार्य करने के निर्देश
डिजिटल क्रॉप सर्वे से भूमि संबंधी विवादों में कमी और ई-गिरदावरी में आएगी तेजी
कोरिया : कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को बैकुंठपुर तहसील के विभिन्न खेतों में पहुंचकर डिजिटल गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने खेतों में फसलों की स्थिति का अवलोकन किया और राजस्व अधिकारियों एवं मैदानी अमले से गिरदावरी की प्रक्रिया की जानकारी ली।
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि खरीफ फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी सावधानी और सटीकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी में दर्ज जानकारी किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत प्रविष्टि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मैदानी अमले को वास्तविक फसल स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर सही जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए।
100 प्रतिशत डिजिटल एवं मैन्युअल गिरदावरी पर जोर
खरीफ फसलों की 100 प्रतिशत डिजिटल एवं मैन्युअल गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाया गया है। गिरदावरी में बहु-स्तरीय सत्यापन, समयबद्ध प्रक्रिया तथा फसल परिवर्तन की स्थिति में फोटो अपलोड जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गलत प्रविष्टि अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल गिरदावरी का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ फसल संबंधी आंकड़ों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। इससे समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी वास्तविक आंकड़ों का उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा भूमि की जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। जियो-रेफ्रेंसिंग से भूमि की स्थिति एवं सीमाओं से संबंधित जानकारी अधिक सटीक रूप से दर्ज होगी, जिससे भविष्य में भूमि संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं फसलों की ई-गिरदावरी का कार्य भी अधिक सरल, तेज और पारदर्शी होगा।
तकनीक आधारित राजस्व व्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं पारदर्शी प्रशासन की दिशा में शासकीय कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। इसी मंशा के अनुरूप जिले में राजस्व कार्यों को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे और ई-गिरदावरी को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाए। उन्होंने राजस्व अमले को निर्देशित किया कि गिरदावरी के दौरान प्रत्येक प्रविष्टि को अच्छी तरह जांचने के बाद ही दर्ज करें और कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं सर्वेयर सहित राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




