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सुकमा में दिखा बदलाव का नया चेहरा: प्रोटोकॉल छोड़ दीदियों के बीच बैठे मंत्री गजेन्द्र यादव, चखी चाय और बढ़ाया हौसला

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सुकमा : वनांचल सुकमा में महिलाओं के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई। ग्राम पंचायत केरलापाल में जिला पंचायत द्वारा तैयार ‘पंचायत कैफे’ का शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि और महिलाएं मौजूद रहीं।

प्रोटोकॉल छोड़ दीदियों के बीच बैठे मंत्री

पंचायत कैफे के उद्घाटन के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का सहज अंदाज चर्चा का विषय रहा। उन्होंने प्रोटोकॉल से अलग हटकर स्व-सहायता समूह की दीदियों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। महिलाओं के हाथों से तैयार पारंपरिक नाश्ते का स्वाद लिया और गरमा-गरम चाय की चुस्की भी ली।

मंत्री ने महिलाओं के हुनर और मेहनत की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से महिलाओं में भी खासा उत्साह नजर आया।

महिलाओं के लिए रोजगार और आय का नया जरिया

बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस पंचायत कैफे का संचालन करेंगी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों और राहगीरों को स्वच्छ खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही महिलाओं को आय का स्थायी साधन और आत्मनिर्भरता का अवसर देना है।

कैफे परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आधुनिक शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

1.14 करोड़ की 8 ‘आजीविका एक्सप्रेस’ को हरी झंडी

कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका को नई रफ्तार देने वाली एक और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत 1.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 8 फोर्स ट्रैक्स ‘तूफान’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इन वाहनों को नियद नेलानार क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस के रूप में उपयोग किया जाएगा। कृतिका महिला संकुल संगठन चिंतलनार और विद्या महिला संकुल संगठन दुब्बाटोटा को दो-दो वाहन, जबकि खुशी महिला संकुल संगठन, उदय महिला संकुल संगठन एर्राबोर और प्रतिज्ञा संकुल संगठन को निर्धारित संख्या में वाहन सौंपे गए।

गांवों से हाट-बाजार तक आसान होगी पहुंच

इन वाहनों से अंदरूनी गांवों में आवागमन और परिवहन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को अपनी स्थानीय उपज और अन्य उत्पादों को हाट-बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

इससे महिलाओं के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और उनकी आमदनी में इजाफा करने का रास्ता भी मजबूत होगा। यानी इन वाहनों की रफ्तार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

‘दीदियों का जज्बा पूरे समाज के लिए प्रेरणा’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और जज्बा पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ‘पंचायत कैफे’ का आत्मीय स्वाद और ‘आजीविका एक्सप्रेस’ की रफ्तार मिलकर बस्तर के वनांचल को मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब सुदूर अंचल की महिलाओं के हाथों में उद्यम की कमान आती है, तो इसका लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ता है।

कार्यक्रम में महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरूण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, जनपद सदस्य श्री भीमा मड़कम सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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