कोरिया : कोरिया जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्य को पाने के लिए आज एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास के साथ बिहान योजना से जुड़ी लखपति दीदियां, विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, अग्रणी बैंक प्रबंधक और जिले में कार्यरत सौर उर्जा उपकरण के वंेडर्स शामिल हुए। आज जिला पंचायत के मंथन कक्ष में कलेक्टर कोरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में सोलर दीदियों को आगे लाकर उन्हे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत व्यापक विस्तार के लिए पायलट प्रोजेक्ट की कमान सौंपी गई। आने वाले समय में यह दीदियां जिले में हजारों बिजली उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ने का कार्य करेंगी तथा इससे उन्हे अपने आजीविका के लिए एक अतिरिक्त लाभ का व्यवसाय प्राप्त होगा।
’कैसे करें आवेदन’
कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभ से जुड़ने के लिए कोई भी बिजली उपभोक्ता सीधे पीएमसूर्यघर पोर्टल पर जाकर अपना पंजीयन कर सकते हैं इसके लिए केवल उन्हे अपना बिजली बिल में दर्ज उपभोक्ता नंबर डालकर सामान्य जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा मोर बिजली एप्प, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए बनाए गए एप्प के माध्यम से भी वह आनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इनके अलावा बिजली उपभोक्ता सीधे बिजली विभाग के किसी भी कार्यालय में जाकर सीधे पंजीयन करा सकते हैं। उपभोक्ता अपने आस पास के किसी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के वेंडर के आफिस में जाकर भी अपना पंजीयन करा सकते हैं।
’उपभोक्ताओं को मात्र 10 प्रतिशत राशि देय’
एक दिवसीय संयुक्त कार्यशाला में आज विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने एक किलोवाट, दो किलोवाट और तीन किलोवाट के संयंत्र लगाने में आने वाले खर्च पर विस्तार से जानकारी दी। योजना के तहत एक प्लांट लगाने के लिए होने वाले कुल खर्च में से बिजली उपभोक्ता को मात्र दस प्रतिशत राशि देनी होगी। यानी अगर कोई उपभोक्ता एक किलोवाट का प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत एक यूनिट लगाते हैं जिसका खर्च 70 हजार रूपए आता है तो उपभोक्ता को केवल आरंभ में दस प्रतिशत राशि यानी केवल 7 हजार रूपए ही बैंक में जमा करने होंगे शेष राशि उन्हे लोन से प्राप्त हो जाएगी।
’केंद्र और राज्य सरकार से मिलेगा बड़ा अनुदान’
कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि एक यूनिट का खर्च मात्र 70 हजार रूपए आता है जिसमें उपभोक्ता को पहले केवल 7 हजार रूपए देने होंगे। पंजीयन के साथ ही उनके बैंक लोन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। 70 हजार की लोन राशि में से केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए तथा राज्य शासन द्वारा 15 हजार रूपए की सब्सिडी यानी अनुदान दो माह के अंदर सीधे लोन खाते में प्रदान कर दिया जाएगा। इसके बाद बकाया राशि लगभग 18 हजार रूपए को ग्राहक आगामी दस वर्षों तक बेहद आसान किश्तों में बैंक के लोन खाते में जमा कर सकेंगे।
’सोलर दीदियों का पायलट प्रोजेक्ट ’
आज कोरिया जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए सोलर दीदियों का पायलट प्रोजेक्ट लांच किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी दीदियों में से 30 दीदियों को सोलर दीदी के तौर पर चयनित कर उन्हे सबसे पहले इस योजना के अंतर्गत जोड़ा जा रहा है। सोलर दीदियां पहले अपने अंशदान की राशि बैंक में जमा करेंगी और इसके बाद उनके घरों में आगामी एक सप्ताह में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्लांट लगाए जाएंगे।
’आजीविका का नया माध्यम’
कार्यशाला में उपस्थित मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का सीधा लाभ बिहान से जुड़ी दीदियों को होगा। घरों में सोलर प्लांट लगने के बाद यही दीदियां अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के साथ जोड़ने का कार्य करेंगी। इससे उन्हे अतिरिक्त आजीविका के लिए सीधे आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। प्रत्येक सोलर दीदी को एक बिजली उपभोक्ता के घर पर एक यूनिट लगवाने के बदले लगभग औसतन तीन से पांच हजार रूपए का सीधा लाभ मिलेगा।
’पीएम सूर्यघर से उपभोक्ता को दोहरा लाभ’
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कार्यशाला में उपस्थित सभी महिलाओं से दोतरफा संवाद करते हुए उनके सभी प्रश्नों को सुना और सभी की शंकाओं का निवारण किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के लिए दोहरे लाभ लेकर आई है। उन्होने बताया कि यदि उपभोक्ता अपनी घरेलू खपत के बराबर का सोलर प्लांट लगा लेते हैं तो पहला लाभ है कि बिजली बिल सीधे शून्य हो जाएगा। दूसरे लाभ पर चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता अपनी खपत से ज्यादा बिजली उत्पादित करता है तो साल के अंत में उसे बची हुई बिजली की राशि भी सीधे खातों में प्राप्त होगी।




