कोरिया : कोरिया जिले से निकलकर पूरे प्रदेश की उर्जाधानी को जल देने वाली हसदेव नदी के विकास के लिए आज एक अहम बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वनमंडलाधिकारी चंद्रशेखर परदेशी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास, एसडीएम बैकुण्ठपुर तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग और जल संसाधन विभाग के प्रमुख उपस्थित रहे। विदित हो कि प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों को आरंभ से लेकर उनके पूरे बहाव क्षेत्र तक विशेष अभियान चलाकर संरक्षित और विकसित किया जाएगा ताकि इन नदियों में बारहमासी बहाव और जलस्तर का संधारण हो सके। इसके तहत कोरिया जिले से हसदेव नदी को चयनित किया गया है।
’प्रस्तुतीकरण के साथ विषयां पर बात’
हसदेव नदी के संरक्षण एवं विकास हेतु आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के आरंभ में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए टोप्पो ने हसदेव नदी पर एक पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन दिया। उन्होने नदी के उद्गम स्थल से लेकर जिले में उसके बहाव क्षेत्र की सभी परिस्थितियों का आंकड़े सहित प्रस्तुतीकरण किया। उल्लेखनीय है कि कोरिया जिले के सोनहत में मेण्ड्रा से निकलने वाली हसदेव पूरे कोरिया जिले में 95 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इस दौरान अपनी सहायक नदियों गेज, दुल्हीधार, बनिया, गुड़धेला तथा धनुहर के साथ मिलाकर जिले के 7 हजार वर्गकिलोमीटर से ज्यादा क्षेत्रफल में इसका जलग्रहण क्षेत्र है।
’पंचधारा माडल से होगा विकास’
हसदेव नदी के उद्गम स्थल से लेकर जिले की सीमा तक इसकी स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्मल गंगा, जलग्रहण जल संचयन और प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने हेतु अविरल गंगा, जनसहभागिता के लिए जन गंगा, रोजगार एवं आजीविका के संसाधन की तरह बनाए जाने के लिए अर्थ गंगा तथा जल के प्रति जागरूकता के लिए ज्ञान गंगा नामक पंचधारा माडल पर हसदेव के विकास के लिए बिदुवार विस्तृत चर्चा की गई।
’उद्गम से प्रवाह तक संरक्षण की जरूरत’
नदी के उद्गम स्थल को सर्वप्रथम विकसित और संरक्षित करने के लिए नदी के महत्वपूर्ण बिंदु पर नियमित सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, सहायक नदियों खासकर गेज और झुमका के स्वच्छता और प्रवाह को नियमित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक बिंदुओ पर बैठक में चर्चा की गई। इसके लिए प्रत्येक नदी के प्रवाह को दूषित करने वाले सभी स्थलों की पहचान और उसमें मिलने वाले गंदे पानी को उपचारित करने की एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
’जलग्रहण क्षेत्र में व्यापक पौधारोपण’
प्रत्येक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में जितनी ज्यादा हरियाली होगी वह नदी उतनी ही प्रवाहमान तथा स्वच्छ रहेगी। इस विषय को ध्यान में रखकर हसदेव नदी और उसके आगामी दस किलोमीटर तक के बहाव क्षेत्र के दोनों किनारों को विशेष तौर पर चिन्हांकित किया गया। इस क्षेत्र में नदी के जलस्तर को सदैव जीवंत बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र में जलसंग्रहण, भूजल संवर्धन के कार्यों के साथ व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा ने इसके लिए विकसित भारत जीरामजी के साथ अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
’पर्यटन और स्वच्छता पर विशेष फोकस’
बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि हसदेव की दो सहायक नदियां गेज और झुमका की स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान देना होगा। इन नदियों की स्वच्छता से जैव विविधता का संरक्षण संभव हो सकेगा। जलग्रहण क्षेत्र में पौधारोपण सहित अन्य आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के साथ ही उन्होने दोनों सहायक नदियों की स्वच्छता पर एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। श्रीमती रोक्तिमा ने कहा कि उद्गम स्थल का समुचित विकास होने से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जिले के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उन्होने संबंधित अधिकारियों को जल्द कार्ययोजना बनाकर नदी संरक्षण और विकास के कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए।




