बाल-कृष्ण की नटखट लीलाओं ने मोहा मन, रैंप वॉक, रस्साकशी और दही-हांडी ने बढ़ाया उत्सव का रोमांच
चिरमिरी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर अलास्का पब्लिक स्कूल में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर पूरा विद्यालय परिसर मानो गोकुल धाम में तब्दील हो गया। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने राधा, कृष्ण, यशोदा मैया, वासुदेव और बलराम के रूप धारण कर अपनी मासूम अदाओं और मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यालय के प्राइमरी विंग के बच्चे रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हें कान्हाओं के सिर पर मोरपंखी मुकुट, हाथों में बांसुरी और राधा बनी बच्चियों के हाथों में सजी मटकियां देखते ही बन रही थीं। बच्चों के आकर्षक रूप और उत्साह ने विद्यालय परिसर को पूरी तरह जन्माष्टमी के रंग में रंग दिया।
नटखट कान्हा की लीलाओं ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत नन्हें विद्यार्थियों की जीवंत झांकियों से हुई। बच्चों ने नाट्य मंचन के माध्यम से बाल-कृष्ण की नटखट लीलाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। कान्हा का माखन प्रेम, मैया यशोदा को परेशान करना और सखाओं के साथ गोपियों की मटकियों से माखन चुराने की लीलाओं का मंचन बच्चों ने इतनी मासूमियत से किया कि शिक्षक और उपस्थितजन भावविभोर हो उठे।
रैंप वॉक से लेकर रस्साकशी तक दिखा उत्साह
जन्माष्टमी उत्सव को और मनोरंजक बनाने के लिए बच्चों के लिए विशेष रैंप वॉक आयोजित किया गया। राधा के रूप में सजी बच्चियों ने हाथों में मटकी लेकर रैंप पर कदमताल की, वहीं कान्हा बने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं।
इसके अलावा बच्चों के लिए माखन से जुड़ी रोचक गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने रुई से बनी प्रतीकात्मक ‘माखन की गेंदों’ को खाली मटकियों में भरकर अपनी गति और चपलता का प्रदर्शन किया।
बच्चों के बीच आयोजित रस्साकशी प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। एक ओर राधा की टोली तो दूसरी ओर नन्हें कृष्णों की टीम ने पूरे जोश के साथ मुकाबला किया। रोमांचक संघर्ष के बाद कृष्ण टीम ने बाजी अपने नाम की।
दही-हांडी फोड़कर नन्हें कान्हाओं ने मनाया उत्सव
जन्माष्टमी कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण दही-हांडी रहा। नन्हें-मुन्ने कृष्णों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ दही-हांडी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की लीलाओं को जीवंत कर दिया। हांडी फूटते ही बच्चों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरा परिसर उत्साह से गूंज उठा।
सत्य, दया और कर्तव्य का संदेश
इस अवसर पर विद्यालय की कॉर्डिनेटर ऋचा अग्रवाल ने बच्चों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के जीवन और जन्माष्टमी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, दया, प्रेम और निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बच्चों को कृष्ण के बाल स्वरूप से प्रेरणा लेते हुए सदैव मुस्कुराने और खुशमिजाज रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यालय के शिक्षकों के उत्कृष्ट टीमवर्क और अथक परिश्रम से हुआ। संपूर्ण आयोजन स्कूल संचालक मो. फिरोज मंसूरी की कुशल देखरेख में संपन्न हुआ। जन्माष्टमी उत्सव ने बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनके भीतर रचनात्मकता, सहभागिता और आत्मविश्वास की भावना भी विकसित की।




