बांसकोट (कोंडागांव), 7 सितंबर 2026 : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के सुदूर अंचल बांसकोट स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) बदहाली और अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। यह अस्पताल महज तीन नर्सों के भरोसे चल रहा है। यहाँ न तो नियमित डॉक्टर है, न लैब टेक्नीशियन और न ही पर्याप्त स्टाफ।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस अस्पताल पर लगभग 10 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए आश्रित हैं। लेकिन स्टाफ की भारी कमी के चलते मरीजों को मजबूरन 20 से 50 किलोमीटर दूर विश्रामपुरी जाना पड़ रहा है। गंभीर बीमारियों में तो मरीजों का इलाज भगवान भरोसे ही हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र में दवाइयों की भी कमी रहती है और जाँच सुविधा न होने से गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार इमरजेंसी में अस्पताल बंद मिला है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बांसकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि गरीब आदिवासी ग्रामीणों को उनके गाँव के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।-
राजेश साहू, उपसरपंच बांसकोट




