फिट इंडिया एंड सेव एनवायरमेंट अभियान के साथ स्कूलों में जागरूकता, राइड के दौरान सीड्स बॉल का भी किया थ्रो
मनेन्द्रगढ़। दृढ़ इच्छाशक्ति, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर लगातार साइकिलिंग कर रहे मनेन्द्रगढ़ निवासी सतीश कुमार द्विवेदी ने TDR Monsoon Challenge 2026 के तहत 600 किलोमीटर की साइकिल राइड सफलतापूर्वक पूरी कर फिनिशर का खिताब हासिल किया है। उनकी उपलब्धि पर Tour De Raipur की ओर से उन्हें Finisher Certificate प्रदान किया गया।सतीश द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने 600 किलोमीटर की यह मानसून चैलेंज राइड 1 अगस्त से 18 अगस्त 2026 के बीच पूरी की। पूरी राइड को Strava ऐप पर रिकॉर्ड किया गया। बारिश के दौरान भी उन्होंने नियमित रूप से साइकिलिंग जारी रखी और तय दूरी पूरी कर अपने संकल्प को साबित किया।
साइकिलिंग के साथ दिया फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सतीश द्विवेदी ने अपनी इस राइड को केवल व्यक्तिगत फिटनेस तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे फिट इंडिया एंड सेव एनवायरमेंट अभियान से जोड़ा। राइड के दौरान वे विभिन्न स्कूलों में पहुंचे और बच्चों को नियमित व्यायाम, साइकिलिंग के फायदे, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने बच्चों को सीड्स बॉल के महत्व की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया। राइड के दौरान वे अपने साथ सीड्स बॉल लेकर चलते थे और रास्ते में सड़क किनारे उपलब्ध उपयुक्त खाली स्थानों पर उनका थ्रो भी करते रहे। उनका उद्देश्य बारिश के मौसम का लाभ लेकर प्राकृतिक रूप से पौधों के अंकुरण को बढ़ावा देना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
26 हजार किलोमीटर से अधिक साइकिलिंग का सफर
सतीश द्विवेदी ने वर्ष 1997 में साइकिलिंग की शुरुआत की थी। तब से अब तक वे लगभग 26 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं। इस दौरान करीब 450 स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में पहुंचकर वे बच्चों और युवाओं को स्वास्थ्य, साइकिलिंग, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित कर चुके हैं।
उनकी अब तक की सबसे लंबी साइकिल यात्रा मनेन्द्रगढ़ से नेपाल के काठमांडू तक करीब 1100 किलोमीटर की रही है जिसे उन्होंने वर्ष 1997 में पांच साथियों के साथ पूरा किया था। वर्तमान 600 किलोमीटर की मानसून चैलेंज राइड उनके साइकिलिंग सफर की दूसरी सबसे लंबी राइड है।
पहले भी मिल चुका हैं सम्मान
साइकिलिंग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सतीश द्विवेदी के प्रयासों को पूर्व में भी सम्मान मिल चुका है। उन्हें वर्ष 2022 में India Book of Records में स्थान मिला था। वहीं वर्ष 2025 में स्वामी विवेकानंद स्पिरिट अवार्ड से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने भी उनके फिट इंडिया एंड सेव एनवायरमेंट अभियान के तहत साइकिलिंग, पर्यावरण संरक्षण, सीड्स बॉल और जन-जागरूकता गतिविधियों के लिये उन्हें सम्मानित किया था।
सतीश द्विवेदी का कहना है कि साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम भी है। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक युवा साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।
बारिश, लंबी दूरी और कठिन परिस्थितियां भी उनके संकल्प को रोक नहीं सकीं। 600 किलोमीटर की यह मानसून राइड उनके लिए केवल एक साइकिलिंग चैलेंज नहीं बल्कि फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के संदेश को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई।




