‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का, एक दिया 2047 विकसित भारत का’ के संकल्प के साथ नागरिकों से जनसहभागिता की अपील
एमसीबी : जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ में जनसहभागिता का एक भव्य और प्रेरणादायी आयोजन किया जा रहा है। 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ में 50 हजार दीयों से सरोवर तालाब को रोशन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य केवल दीप प्रज्वलित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को मनेन्द्रगढ़ के विकास, स्वच्छता, सुंदरता और सामूहिक सहभागिता से जोड़ते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे दीया लेकर सरोवर तालाब पहुंचें और एक आशीर्वाद का दिया जलाएं।रोशनी से जुड़ता मन, विकास का नया संकल्प’ की भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभियान की अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। अभियान का मूल संदेश ‘सेवा, समर्पण, सहभागिता, समृद्धि’ है, जिसके माध्यम से नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को विकास के संकल्प से जोड़ा जा रहा है। ‘एक दिया आज, एक उज्ज्वल भारत कल’ के संदेश के साथ 17 सितंबर की शाम मनेन्द्रगढ़ का सरोवर तालाब हजारों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा।
जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से कहा गया है कि आइए हम सब मिलकर 50 हजार दीपों से सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़ को रोशन करें। यह आयोजन मनेन्द्रगढ़ के लिए केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि शहरवासियों की एकजुटता, आशा और भविष्य के संकल्प का प्रतीक बनेगा। आयोजन का संदेश है कि यह सिर्फ दीप नहीं, हमारी एकजुटता, हमारी आशा और 2047 के विकसित भारत का संकल्प है। प्रत्येक दीप को मनेन्द्रगढ़ के विकास और देश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा गया है।विकसित भारत 2047 हमारा संकल्प, हमारा योगदान की भावना के साथ नागरिकों को इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। श्छोटा दिया, बड़ी रोशनी-विकसित भारत की ओर’ और ‘छोटे-छोटे दीप, बड़ी रोशनी-बड़ा भारत’ जैसे संदेश इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। एक छोटे से दीप की रोशनी जब हजारों दीपों के साथ जुड़ती है तो वह बड़ी रोशनी का रूप लेती है। इसी तरह प्रत्येक नागरिक का छोटा योगदान मिलकर मनेन्द्रगढ़ के विकास और विकसित भारत के बड़े संकल्प को मजबूती प्रदान कर सकता है।
इस अवसर पर नागरिकों से अपने घरों में भी दीप जलाने की अपील की गई है। अपने घर में दीप जलाएं, सभी शासकीय भवनों में दीप जलाएं और अपने प्रतिष्ठान में दीप जलाएं। साथ ही परिवार, मित्रों और पड़ोसियों को भी इस अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि यह पहल केवल सरोवर तालाब तक सीमित न रहे, बल्कि मनेन्द्रगढ़ के प्रत्येक घर, शासकीय भवन, प्रतिष्ठान और परिवार तक पहुंचे तथा पूरा शहर विकास और सहभागिता की रोशनी से जुड़ सके।
आयोजन में ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ का संदेश भी प्रमुख रूप से नागरिकों को प्रेरित करेगा। मनेन्द्रगढ़ के सरोवर तालाब को ‘हमारा सरोवर, हमारी पहचान’ बताते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से इसके संरक्षण, स्वच्छता और सुंदरता में भी सहभागी बनने का आह्वान किया है। ‘स्वच्छ, सुंदर और उज्ज्वल सरोवर के लिए सहभागी बनें’ के संदेश के साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ‘उज्ज्वल मनेन्द्रगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
सरोवर तालाब में 50 हजार दीयों के प्रज्वलन का यह दृश्य मनेन्द्रगढ़ की सामूहिक एकजुटता और नागरिक सहभागिता का प्रतीक बनेगा। रोशनी से जगमगाता सरोवर न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि जब नागरिक किसी साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं तो विकास की राह और अधिक मजबूत होती है। ‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का… एक दिया 2047 विकसित भारत का…’ इस आयोजन का मूल संकल्प है।जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर इस विशेष जनसहभागिता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। अभियान के संदेश ‘इस बार, मैं भी जरूर आऊंगा/आऊंगी को आत्मसात करते हुए प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। अपने साथ एक दीप लेकर आएं, सरोवर तालाब पर एक आशीर्वाद का दिया जलाएं और मनेन्द्रगढ़ के विकास के साथ विकसित भारत 2047 के संकल्प में अपना योगदान दें।
‘सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ते इस अभियान का संदेश स्पष्ट है, मनेन्द्रगढ़ का सरोवर हमारी पहचान है, इसकी स्वच्छता और सुंदरता हमारी जिम्मेदारी है तथा शहर का विकास हम सभी का साझा संकल्प है। सेवा, समर्पण, सहभागिता और समृद्धि की भावना से जुड़कर प्रत्येक नागरिक इस अभियान को सफल बना सकता है। ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ और ‘मनेन्द्रगढ़ के सरोवर से विकसित भारत की ओर’ का यह संदेश 17 सितंबर की शाम हजारों दीपों की रोशनी के साथ पूरे क्षेत्र में नई आशा, नई ऊर्जा और विकास के नए संकल्प का प्रकाश फैलाएगा।




