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‘जनता को खाने का तेल नसीब नहीं, करोड़ों के दीये जलाकर गरीबों का मज़ाक उड़ा रही सरकार’ — डॉ.शिवकुमार डहरिया

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‘गड्ढों पर दीया जलाए सरकार ताकि लोगों की जान बचे’, पीएम मोदी के जन्मदिन के आयोजनों पर भड़के पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया डहरिया

सक्ती: छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। डॉ. डहरिया ने इस पूरे आयोजन को जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी करार देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सरकारी तंत्र का बेजा इस्तेमाल कर रहा है।

“जनता खाने के तेल को तरस रही, यहाँ करोड़ों के दीये जलाए जा रहे”

देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि विज्ञापनों की चमक-दमक के पीछे की जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा, “आज रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और राशन के दाम आसमान छू रहे हैं। देश में खाने के तेल की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि आम आदमी अपने घर के लिए तेल नहीं खरीद पा रहा है, और यहाँ करोड़ों दीये जलाकर गरीबों की लाचारी का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।”

बदहाल सड़कों पर तंज: “गड्ढों पर दीया जलाए सरकार”

प्रदेश की जर्जर सड़कों को लेकर सरकार को घेरते हुए डॉ. डहरिया ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को विज्ञापन और रीलबाज़ी छोड़कर सड़कों के गड्ढों पर दीया जलाना चाहिए, ताकि रात के अंधेरे में आम जनता को इन जानलेवा गड्ढों का पता चल सके। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “इन गड्ढों के कारण रोजाना प्रदेश के कई घरों के चिराग बुझ रहे हैं, उसकी सरकार को कोई चिंता नहीं है। प्रशासनिक अमला सिर्फ अपनी चापलूसी साबित करने के लिए उत्सवों पर करोड़ों रुपये लुटा रहा है।”

नगरीय निकायों को ‘प्रचार विंग’ बनाने का आरोप

छत्तीसगढ़ के निकायों और विभिन्न सरकारी विभागों से जारी हो रहे निर्देशों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूर्व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों को जनसेवा के बुनियादी कार्यों से हटाकर भाजपा के राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट में झोंक दिया गया है। जिस प्रशासनिक अमले को जर्जर सड़कों, पानी की किल्लत और सफाई व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, उसे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने और रैलियां आयोजित करने के फरमान थमाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा हनन है।पूर्व मंत्री ने चेतावनी लहजे में कहा कि छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता भाजपा के इस “इवेंट-जीवी” रवैये और प्रशासनिक तानाशाही को भली-भांति समझ चुकी है और आने वाले समय में इस आत्म-मुग्ध राजनीति का करारा जवाब देगी।

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