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PNG के नाम पर निलंबित 2,066 LPG कनेक्शन बहाल, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

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एमसीबी में गैस सिलेंडर की बुकिंग फिर शुरू, आधार में MCB अपडेट होने पर ई-केवाईसी की अड़चन भी दूर

एमसीबी : जिले के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। PNG सुविधा के आधार पर निलंबित किए गए 2,066 एलपीजी गैस कनेक्शनों को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 8 अक्टूबर 2026 को पुनः सक्रिय कर दिया है। कनेक्शन बहाल होने के साथ ही संबंधित उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग की सुविधा भी दोबारा शुरू हो गई है। लंबे समय से बुकिंग में आ रही परेशानी दूर होने से जिले के हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

PNG नहीं पहुंची, फिर भी निलंबित हो गए थे कनेक्शन

दरअसल, जिले में PNG पाइपलाइन की उपलब्धता के आधार पर कई एलपीजी कनेक्शनों के निलंबन की कार्रवाई की जा रही थी। निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत PNG सुविधा वाले क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन को लेकर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, लेकिन इस दौरान ऐसे कुछ उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी निलंबित हो गए, जिनके क्षेत्रों में अभी PNG पाइपलाइन नहीं पहुंची थी अथवा घरों में गैस की आपूर्ति शुरू नहीं हुई थी।

इससे उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और इंडियन ऑयल के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या के समाधान के प्रयास किए गए। इसके परिणामस्वरूप इंडियन ऑयल ने सभी 2,066 निलंबित कनेक्शनों को पुनः सक्रिय कर दिया।

अब संबंधित उपभोक्ता पूर्व की तरह गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे और नियमानुसार उन्हें गैस की डिलीवरी भी प्राप्त होगी।

आधार में MCB अपडेट कराने वालों की ई-केवाईसी भी होगी

उपभोक्ताओं को दूसरी बड़ी राहत ई-केवाईसी की तकनीकी समस्या दूर होने से मिली है। जिले में ऐसे कई उपभोक्ता थे, जिन्होंने अपने आधार कार्ड में पूर्व के कोरिया जिले के स्थान पर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिला अपडेट करा लिया था। सिस्टम में जिले का विवरण अपडेट नहीं होने के कारण उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा तकनीकी समस्या का समाधान किए जाने के बाद अब आधार में MCB जिला अपडेट करा चुके उपभोक्ता भी ई-केवाईसी पूरी कर सकेंगे। इससे लंबे समय से तकनीकी अड़चन झेल रहे उपभोक्ताओं को विशेष राहत मिलेगी।

प्रशासन और इंडियन ऑयल के समन्वय से मिली सफलता

उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान में जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की तत्परता के साथ इंडियन ऑयल के अधिकारियों का समन्वय महत्वपूर्ण रहा। जिला प्रशासन के सहयोग से इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय प्रबंधक (LPG), रायपुर तथा राज्य कार्यालय भोपाल के संबंधित अधिकारियों ने लगातार प्रयास किए। इसी समन्वित पहल के परिणामस्वरूप 2,066 कनेक्शन बहाल करने के साथ ई-केवाईसी से जुड़ी तकनीकी समस्या का भी निराकरण किया गया।

उपभोक्ताओं ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन, खाद्य विभाग तथा इंडियन ऑयल के संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अब PNG कनेक्शन की वास्तविकता जांचने की मांग

इधर भविष्य में ऐसी समस्या की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चैम्बर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय पार्षदों ने कलेक्टर से ठोस एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का आग्रह करने का निर्णय लिया है। चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पंकज जैन, संजीव ताम्रकार और मनीष अग्रवाल के साथ स्थानीय पार्षद पप्पू हुसैन, जमील शाह, इमरान खान एवं सईद भाई ने इस दिशा में संयुक्त पहल की बात कही है।

उनका सुझाव है कि PNG कंपनी पहले अपने ग्राहकों का आधार प्रमाणीकरण करे और केवल उन्हीं उपभोक्ताओं की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए, जिनके घरों में वास्तव में PNG पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन की टीम द्वारा संबंधित घरों का स्थलीय सत्यापन कराया जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर की अनुमति प्राप्त करने के बाद ही एलपीजी कनेक्शन के निलंबन अथवा स्थानांतरण की कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधियों का कहना है कि स्थलीय सत्यापन आधारित व्यवस्था से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, पात्र एलपीजी उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहेंगे और बिना PNG आपूर्ति शुरू हुए एलपीजी कनेक्शन निलंबित होने जैसी समस्या की पुनरावृत्ति पर रोक लग सकेगी।

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