कार्यशाला’ में अतिथियों को भाया ‘दूध गंगा’ की रसमाधुरी और मिल्क केक का स्वाद
अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू : बालोद जिले के स्थानीय सहकारी उद्यम के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। बस्तर में आयोजित 8व 9 अक्टूबर को आयोजित भव्य ‘राष्ट्रीय सरकार से समृद्धि कार्यशाला’ में बालोद की प्रतिष्ठित गंगा मैय्या दुग्ध उत्पादक एवं प्रसंस्करण सहकारी समिति मर्यादित, बालोद जिला-बालोद पंजीयन क्रमांक – 87 को न केवल अपना स्टॉल लगाने का अवसर मिला, बल्कि देश भर से आए मुख्य अतिथियों के विशेष भोज में इसके दुग्ध ब्रांड “दूध गंगा” द्वारा निर्मित प्रसिद्ध व्यंजनों को शामिल किया गया।कार्यशाला के विशेष भोज और स्टॉल पर दूध गंगा के प्रसिद्ध उत्पाद जैसे रसमाधुरी, क्षीरकदम, कुल्हड़ दही और मिल्क केक को विशेष रूप से प्रदर्शित और परोसा गया। कार्यशाला में शामिल देश भर के मुख्य अतिथियों ने जब इन पारंपरिक, शुद्ध और उच्च गुणवत्ता से भरपूर मिठाइयों का स्वाद चखा, तो वे इसके मुरीद हो गए और उन्होंने उत्पादों की जमकर सराहना की।राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस विशिष्ट पहचान ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर सहकारिता के माध्यम से तैयार किए गए उत्पाद भी अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के दम पर देश भर में अपनी अमिट छाप छोड़ सकते हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता पर संस्था के प्राधिकृत अधिकारी गणेश जोशी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,यह हमारे सभी दुग्ध उत्पादक किसानों, समिति के कर्मचारियों और सदस्यों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। हमारी रसमाधुरी, क्षीरकदम, मिल्क केक और कुल्हड़ दही को राष्ट्रीय मंच पर इतनी सराहना मिलना पूरे बालोद जिले के लिए गौरव की बात है। यह सफलता हमें भविष्य में सहकारिता के क्षेत्र में और बेहतर काम करने की नई ऊर्जा प्रदान करेगी।”यह उपलब्धि बालोद जिले के सहकारिता आंदोलन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि बालोद के उत्पादों को बड़े मंच पर सराहना मिलना जिले के लिए गौरव की बात है। इससे सहकारी व्यवस्था के माध्यम से तैयार स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। बता दे यह आयोजन बस्तर में 8 एवं 9 अक्टूबर को हुआ था।
उन्होंने कहा कि बालोद के उत्पादों को बड़े मंच पर सराहना मिलना जिले के लिए गौरव की बात है। इससे सहकारी व्यवस्था के माध्यम से तैयार स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों में उत्पादों की प्रस्तुति से उन्हें व्यापक पहचान मिलने के साथ बाजार विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
बालोद के दुग्ध उत्पादों की इस प्रस्तुति को जिले की दुग्ध प्रसंस्करण गतिविधियों और सहकारिता के प्रयासों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।





