रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,सरगुजा लखनपुर : नगर पंचायत में चुनावी शंखनाद होते ही अध्यक्ष पार्षद पद के दावेदारो ने नामांकन पत्र भरे जाने की कवायद पूरी कर चुनावी अखाड़े में कदम रख दिया है। सूरत-ए-हाल ऐसा है नगर पंचायत में राजनीतिक सरगर्मी आहिस्ता आहिस्ता तेज़ होने लगी है। सियासी दलों ने जिन उम्मीदवारों को टिकट देकर चुनावी बिसात पर मोहरें बनाकर उतारा है उन प्रत्याशीयों ने अपने प्रतिद्वंद्वी को मात देने एक से बढ़कर एक चालें चलना शुरू कर दिया है।अध्यक्ष पद के दावेदार हो अथवा पार्षद पद के दोनों प्रत्याशी अपने विरोधी को हराने की फिराक में है। भाजपा उम्मीदवारो को लगता है कांग्रेस पार्टी तथा निर्दलीय प्रत्याशी दोनों को मात देकर नगर सरकार बनाने में कामयाबी हासिल कर लेंगे ।
नगर पंचायत के इस त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशियों को भरोसा है कि वह भाजपा अथवा निर्दलीय प्रत्याशीयों से आगे निकल कर नगर पंचायत के सिंहासन पर विराजमान हो सकते है। निर्दलीय उम्मीदवार भी अपने आप को कम नहीं आंक रहे चुनावी अखाड़े में ताल ठोंक रहे हैं। नगर संग्राम में उम्मीदवार एक दूसरे को निशाना बनाकर एक ही दांव में चित करने की पैंतरे चल रहे है। शह और मात के खेल में बढ़त किसको मिल सकती है यह तो नगर पंचायत चुनाव के नतीजा आने के बाद ही उजागर हो सकेगा। लेकिन परिणाम आने तक अभी शह और मात का खेल आगे भी जारी रहने के पूरे आसार हैं।
नामांकन दाखिल करने के बाद से भाजपा, कांग्रेस तथा निर्दलीय दलगत अध्यक्ष व पार्षद प्रत्याशीयों के जो अक्स उभर कर सामने आये है। उन चेहरों की तुलनात्मक चर्चा नगर के सियासी गलियारों में जमकर होने लगी है। भाजपा समर्थक अपने चहेते अध्यक्ष पार्षद उम्मीदवारों के द्वारा पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों का आंकलन करते जनाधार के बुनियाद पर जीत के दावे कर रहे हैं । साथ ही प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने से भाजपा प्रत्याशीयों को अपने जीत पर यकीन है। समर्थक अपने भाजपा प्रत्याशियों की जीत निश्चित मान रहे हैं। साथ ही आने वाले पांच सालों में तेज गति से विकास कार्य होने की संभावना जताई जा रही है। कथन हैं हमने बनाया है हम ही संवारेंगे।वही नगर लखनपुर में कांग्रेस उम्मीदवार के जीत को लेकर कांग्रेस पार्टी के समर्थक मान रहे हैं कि उनका उम्मीदवार बिगत सालों से लगातार नगरवासियों से सम्पर्क बनाये हुये है तथा कांग्रेस उमीदवारो की जमीनी पकड़ काफी मजबूत है लिहाजा कांग्रेस समर्थक अपने चहेते उम्मीदवार की जीत पक्की मान कर चल रहे है। लेकिन भाजपा प्रत्याशियों के जीत को प्रदेश एवं केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी से जोड़ कर देखा जा रहा है।
जबकि निर्दलीय उम्मीदवार के दावेदारी पर नगर मतदाता सशंकित है। क्योंकि अध्यक्ष तथा पार्षद के उम्मीदवार नामांकन पत्र वापसी के अंतिम दिन तक मान-मनौव्वल के बाद नामांकन पत्र वापस लेकर अपने आपको किसी एक दल के पक्षधर बनाकर बैठ सकते हैं।कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि नगर चुनावी रणक्षेत्र में सियासी दलों के उमीदवार एक दूसरे को मात देने की जुगत में लगे हुये है। लेकिन हकीकत तो ये है कि मतदाताओं की इनायतें नजर जिस प्रत्याशी पर होगी उसकी जीत निश्चित है।
लखनपुर नगर पंचायत चुनाव में जिन हस्तियों के उम्मीदवारी किये जाने की आशा नगरवासियों को था दरअसल उन हस्तियों ने अपने आप को चुनाव मैदान से बाहर रखा है। इस बात को लेकर भी बाजार में चर्चा गरम है। 31 जनवरी को नाम वापसी के बाद जो चेहरे अखाड़े में रह जायेंगे उन्हीं पर चिंतन मंथन जारी रहेगा। नगर पंचायत चुनावी मैदान में खड़े उमीदवार अपने विरोधियों को मात देने की तैयारी कर रहे हैं। जिन मतदाताओं के मस्तिष्क में यह बात बैठ गई है कि उन्हें किस पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने है। मतदाताओं के उसी को अपना मतदान करेंगे। मतदान के अंतिम दिनों तक मतदाताओं का ख्याल कौन सा रूख अख्तियार करता यकीन से नहीं कहा जा सकता। नगर चुनावी पंडित अभी से हार जीत की पंचांग खोले उम्मीदवारो की भविष्यवाणी करने में लगे हुए हैं। 31 जनवरी शुक्रवार को नाम वापसी के बाद जो मंजर निकल कर सामने आयेगा वही स्थाई होगा। लेकिन चुनाव नतीजा सामने आने के बाद ही मालूम हो सकेगा कि नगर में किस दल के उम्मीदवार की ताजपोशी होनी है। फिलहाल तो नगर के चौक चौराहों में चुनावी चर्चाओ का दौर जारी है।



