Home छत्तीसगढ़ चारा पानी की तलाश मे रिहायशी क्षेत्र मे पहुचते है वन्य जीव...

चारा पानी की तलाश मे रिहायशी क्षेत्र मे पहुचते है वन्य जीव पिछले सीजन बारिश के चलते थी राहत

0

 

संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : गर्मी का सीजन लगते ही सबसे ज्यादा खतरा जंगलो मे मंडराता है जहा आग से जंगलो मे काफी नुकसान होता है ये आग इतना भयानक होता है की जंगल मे वन औषधी के साथ छोटे छोटे जीव जन्तु भी जल जाते है जिन्हे बचाने हर वर्ष लाखो खर्च कर विभाग फायर वाचरो की नियुक्ती करता है जहा पिछले वर्ष बारिश के चलते जंगल सुरक्षित था जो अब फायर सीजन लग जाने से व अभी से गर्मी का दौर शुरू हो गया जहा वन विभाग को इस सीजन मे जंगलो को आग से बचाना सबसे बडा चुनौती होगा

गर्मी शुरू होते ही फायर वाचरो की नियुक्ती की जाती है जिनका काम सिर्फ जंगलो को आग से बचाना रहता है और ये फायर वाचर चौबीस घण्टे जंगलो मे ड्यूटी बजाते है ताकी वन को आग से बचाया जा सके पिछले वर्ष पूरे फायर सीजन भर बारिश और बदली के चलते जंगल आग से सुरक्षित था मगर अब फायर सीजन शुरू होते ही गर्मी भी अपना रूप दिखाने लगा है और ऐसे मे इस सीजन जंगलो को आग से बचाना वन विभाग के लिये सबसे बडा चुनौती होगा वही गर्मी का सीजन लगते ही जंगलो मे आग जनी के चलते जंगल मे सिर्फ राख ही नजर आता है व भरी गर्मी मे जंगल के तलाब पोखर सूख जाते है जहा जानवरो को चारा और पानी के लिये भटकना पडता है

वही गर्मी के सीजन मे नगरी क्षेत्र के जंगलो मे जंगली हाथियो का जमवाडा लग जाता है जहा सिकासेर दल मे लगभग 50 हाथी है जो भरी गर्मी मे चारा व पानी के चलते हिस्सो मे बट जाते है जहा जंगलो मे आगजनी के चलते व पानी चारा के अभाव मे गांवो तक पहुचते है व गांव मे फसलो के साथ जनहानि भी होती है ऐसे मे आम वनांचल वासियो को भरी गर्मी मे सबसे ज्यादा हाथियो से खतरा बना रहता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here