रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,सरगुजा लखनपुर : नगर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को इस परेशानी से आये दिन जूझना पड़ रहा है। विगत दिन सिलेंडर आक्सीजन के कमी के कारण एक तड़पते मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मिली जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत पैलेस रोड में एक मरीज को डायलिसिस की शिकायत होने से उनका इलाज चल रहा है । अचानक रात में तबीयत बिगड़ने के बाद घूटन होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत हुई तो परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने संपर्क किया गया। ऑक्सीजन सिलेंडर तत्काल में नहीं मिला परिवार वालों के मशक्कत करने पश्चात मात्र एक ऑक्सीजन सिलेंडर उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त हुई। जिसे लगाकर किसी तरह डायलिसिस मरीज को जिला अस्पताल इलाज के लिए रेफर किया गया।
सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि जब बी एम ओ से फोन पर संपर्क कर पूछा गया कि आपके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कितने आक्सिजन सिलेंडर है तो इस संबंध उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया उल्टे रूखे लहजे में कहा – क्या मैं ऑक्सीजन सिलेंडर गिनने के लिए तथा 24 घंटे फोन उठाने के लिए यहां पदस्थ हूं। इस तरह की सेवा नहीं दे सकता। “‘” नीजी क्लीनिक पर देते हैं ध्यान”” परिजनों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ
बी एम ओ खास कर अपने नीजी क्लीनिक पर ध्यान देते हैं। वहीं ग्रामीण एवं नगर वासियों का कहना है कि खंड चिकित्सा अधिकारी डा0 प्रसाद ने प्राइवेट क्लीनिक खोल रखा है जिसमें वह हमेशा ही कार्य करते नजर आते हैं। जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को कम ही ध्यान दे पाते हैं। मरीज काफी परेशान रहते हैं। इतना ही नहीं बीएमओ साहब के उट पटांग कठोर बिगड़े बोल से भी बिमार ग्रस्त मरीज ही नहीं अपितु उनके तिमारदारी करने वाले लोग परेशान हो जाते हैं।
सिलेंडर आक्सीजन के संबंध में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ 0पी0 एस0 मार्को से चर्चा करने पर उन्होंने बताया गया- जब मैं लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्त था उस वक्त अस्पताल में तकरीबन 16 से 17 आक्सीजन सिलेंडर थे जिसमें 2 ऑक्सीजन सिलेंडर हमेशा इमरजेंसी के लिए हर वक्त भरे रहता था। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर होना अनिवार्य है। यदि इस तरह से शिकायत हो रही है तो मैं संबंधित जिम्मेदार अधिकारी से पूछताछ कर जांच करते हुए उचित कार्रवाही के लिए आदेश जारी करता हूं।
“”बयान “”
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ ओ0पी0 प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में मात्र एक ही आक्सीजन सिलेंडर था जिसे वक्त जरूरी के लिए रखा गया है। बाहर ले जाने के लिए नहीं।



