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सशक्तिकरण की ओर एक मजबूत कदम: सुकमा में एएम/एनएस इंडिया ने ‘बेटी पढ़ाओ’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत की

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एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा  : सुकमा, छत्तीसगढ़ – आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS इंडिया) ने अपने प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल ‘बेटी पढ़ाओ’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम का विस्तार छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले तक करते हुए एक सराहनीय पहल की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वंचित परिवारों की लड़कियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने और उनके शैक्षणिक लक्ष्यों को साकार करने का अवसर दिया जा रहा है।

‘बेटी पढ़ाओ’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत मार्च 2022 में की गई थी, और यह अब तक छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों की लगभग एक हजार वंचित युवतियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से एएम/एनएस इंडिया ने यह साबित किया है कि शिक्षा ही सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है।

अब, सुकमा में इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम का विस्तार कर कंपनी ने यह सिद्ध किया है कि वह शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले की 13 योग्य छात्राओं को कुल 1.74 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जो उनके शैक्षणिक भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छात्रवृत्ति वितरण समारोह में छात्राएं, उनके माता-पिता और संबंधित स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए। इस अवसर पर छात्रा मोनिका बघेल ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “मैं बहुत खुश हूं, मेरे माता-पिता भी खुश हैं कि मुझे एएम/एनएस इंडिया से छात्रवृत्ति मिली। ग्रामीण छात्रों के लिए ‘बेटी पढ़ाओ’ जैसी छात्रवृत्तियां वरदान की तरह हैं। इससे हमारी शैक्षणिक जरूरतें पूरी होंगी और हमें उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। मैं इस अवसर के लिए एएम/एनएस इंडिया की आभारी हूं।”

सुकमा जिले के ADEO प्रशाद डैनियल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “एएम/एनएस इंडिया जैसी बड़ी कंपनी से छात्रवृत्ति प्राप्त करना आसान नहीं है। चयनित छात्राएं वाकई विशेष हैं। मैं सभी छात्राओं से आग्रह करता हूं कि वे इस छात्रवृत्ति का पूरा लाभ उठाएं और स्वयं, अपने परिवार, जिले तथा देश के लिए गौरव बनें। मैं एएम/एनएस इंडिया को जिले में शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं और आशा करता हूं कि इन बच्चियों का भविष्य उज्ज्वल होगा।”

इस अवसर पर जिले के समाजसेवी सीताराम राणा ने कहा, “हमें गर्व है कि हमारे जिले की लड़कियों को छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। साथ ही, यह गर्व की बात है कि हमारे जिले में एएम/एनएस इंडिया जैसी कंपनी कार्यरत है, जो केवल स्टील नहीं बना रही, बल्कि बेटियों के सपनों को भी आकार दे रही है। ये छात्राएं भविष्य में अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।”

कार्यक्रम में कुम्हारस प्राथमिक विद्यालय, सुकमा की मुख्याध्यापिका शीला सिंह भी उपस्थित थीं, जो अपनी तीन छात्राओं के साथ पहुंचीं। उन्होंने कहा, “एक लड़की को शिक्षित करना दो परिवारों को शिक्षित करने के बराबर होता है – एक वह जिसमें वह जन्म लेती है और दूसरा वह जिसमें वह विवाह के बाद जाती है। ए एम/एनएस इंडिया की यह पहल लड़कियों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी उत्साहित करेगी, जिन्होंने आर्थिक संघर्षों के बावजूद अपनी बेटियों की शिक्षा का समर्थन किया है।”

इस आयोजन के दौरान, मंच पर छात्राओं के माता-पिता को भी उनके समर्थन और बेटियों की शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक छात्रवृत्ति वितरण समारोह था, बल्कि शिक्षा में समानता, अवसर और आशा की दिशा में एक प्रेरक कदम भी था।

सुकमा में ‘बेटी पढ़ाओ’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम की यह शुरुआत न केवल स्थानीय लड़कियों की शिक्षा में सुधार लाने का माध्यम बनेगी, बल्कि इससे समावेशी विकास और शिक्षा में लिंग भेद समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। ए एम/एनएस इंडिया की यह पहल एक मिसाल है कि कैसे कॉरपोरेट सेक्टर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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