
कोरिया: जिला के सोनहत में हर साल आयोजित होने वाला उर्स और कव्वाली इस वर्ष जिला प्रशासन की अनुमति न मिलने के कारण रद्द कर दिया गया है। यह आयोजन बाबा हजरत भूलन शाह बाबा की मजार पर लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण बनता था, जहाँ पहली दिन चादर चढ़ाई जाती थी, दूसरे दिन कव्वाली आयोजित होती थी, और तीसरे दिन भी कव्वाली का कार्यक्रम होता था। इस साल की तैयारियाँ लगभग 50 प्रतिशत पूरी हो चुकी थीं। कई शहरों से लोग और ग्रामीण क्षेत्र से स्थानीय श्रद्धालु इस मेले का हिस्सा बनने के लिए आते थे। छोटे-छोटे व्यापारी अपने व्यापार के लिए मेले में शामिल होते थे, लेकिन अब सभी को इस खबर से निराशा मिली है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आर्थिक गतिविधियों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। प्रशासन ने यह बताने की कोशिश की है कि सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी गई। सोनहत का यह उर्स न केवल धार्मिक महत्व रखता था, बल्कि एक महोत्सव के रूप में भी स्थानीय संस्कृति का प्रतीक था। अब जबकि यह आयोजन नहीं हो रहा है, श्रद्धालु और व्यापारी दोनों ही निराश हैं।



