पंचांग की गणना के अनुसार 11 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी। ज्योतिर्लिंग महाकाल तथा चौरासी महादेव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। एक माह में सात सर्वार्थसिद्धि तथा दो अमृतसिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इस दिव्य योग में धार्मिक अनुष्ठान, नए कार्यों की शुरुआत तथा भूमि, भवन की खरीदी करना श्रेष्ठ रहेगा। श्रावण मास में विभिन्न पर्व त्यौहार का अनुक्रम भी बनेगा।
21 जुलाई : दूसरा श्रावण सोमवार, कामदा एकादशी
24 जुलाई : हरियाली अमावस्या
27 जुलाई : हरियाली तीज
28 जुलाई : तीसरा श्रावण सोमवार
29 जुलाई : नाग पंचमी
04 अगस्त : चौथ श्रावण सोमवार
09 अगस्त : रथा बंधन श्रावण का समापन
श्रावण में ग्रहों का वक्रत्व व नक्षत्र परिवर्तन
13 जुलाई को शनि वक्री होंगे।
15 जुलाई को गुरु का आद्रा नक्षत्र में प्रवेश।
16 जुलाई को सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश।
18 जुलाई को बुध वक्री होंगे।
19 जुलाई को सूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश।
20 जुलाई को राहु पूर्वा भाद्रपद व केतु पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
24 जुलाई को गुरु पुष्य नक्षत्र।
26 जुलाई को शुक्र का मिथुन राशि में प्रवेश होगा।
29 जुलाई को बुध पुष्य नक्षत्र।
17 जुलाई को सुबह 6 बजे से मध्य रात्रि तक।
21 जुलाई को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक।
24 जुलाई को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक।
30 जुलाई को सुबह 6 से रात 10 बजे तक।
04 अगस्त को सुबह 6.5 से रात 9.15 बजे तक।
08 अगस्त को सुबह से रात्रि पर्यंत।
अमृतसिद्धि योग कब
21 जुलाई को सुबह 8.46 बजे से रात अंत तक।
24 जुलाई को शाम 5.34 से रात अंत तक।
इस बार श्रावण-भाद्रपद मास की सवारी14 जुलाई : श्रावण मास की पहली सवारी।
21 जुलाई : श्रावण मास की दूसरी सवारी।
28 जुलाई : श्रावण मास की तीसरी सवारी।
04 अगस्त : श्रावण मास की चौथी सवारी।
11 अगस्त : भाद्रपद मास की पहली सवारी।
18 अगस्त : श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी।
यह मत भी शास्त्रीय मान्यता में प्रचलित
पं.डब्बावाला ने बताया धर्मशास्त्र की मान्यता के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा से श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन तक एक माह श्रावण रहता है। द्वितीय गणना में श्रावण कृष्ण प्रतिपदा से श्रावणी पूर्णिमा तक मास की गणना की जाती है। दोनों ही गणना चक्र अपने स्थान पर स्थित है। पूर्णिमा से पूर्णिमा तक के गणना चक्र को मान्य किया जाए, तो इस बार 10 जुलाई गुरु पूर्णिमा के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व ऐंद्रयोग की साक्षी के गुरुआदित्य योग के महासंयोग में श्रावण की शुरुआत हो रही है। वहीं श्रावण का समापन बुधादित्य योग में होगा।



