छुरिया : राजगामी सम्पदा पर हुये अतिक्रमण पर छुरिया तहसीलदार एवं प्रशासन द्वारा विगत दिनों हुयी बुलडोजर कार्यवाही पर पूरे छुरिया नगर में प्रशंसा हो रही है। 26 लोगों के अतिक्रमण को हटाकर राजगामी जमीन को मुक्त कराया गया है इसके लिये शासन प्रशासन बधाई के पात्र हैं।अब छुरिया नगर वासियों को नगर के नगर अध्यक्ष एवं शासन प्रशासन से एक उम्मीद और है जिसे जनहित में शीघ्र ही कराया जाना आवश्यक है। जैसा कि छुरिया की ज्यादा से ज्यादा जमीन राजगामी की है और यहां के नागरिकों की सुविधा के लिये नगर में दो तालाब भी है लेकिन नगर पंचायत एवं शासन प्रशासन की लापरवाही के कारण से इन दोनों तालाबों पर बहुत ज्यादा अतिक्रमण हो गया है लोगों ने अपने घर का निर्माण तालाब के चारों ओर कर लिया है तालाब में आने जाने के रास्ते बंद से हो गये हैं। सड़क से लेकर तालाब के किनारे तक अपने घरों को इतना फैला लिया है कि तालाब आधा हो गया है और लोगों के घरों का दायरा बहुत ज्यादा हो गया है। तालाब के किनारों पर अपने घर बनाकर तालाबों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है इस पर भी यदि शीघ्र ही कोई ठोस कार्यवाही नगर पंचायत एवं शासन प्रशासन द्वारा नहीं की जाती है तो आने वाले दिनों में तालाब अपना अस्तित्व खो देंगे।
जिस प्रकार से राजगामी सम्पदा के अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर कार्यवाही की गई है उसी प्रकार की कार्यवाही तालाब के किनारों पर अतिक्रमण करने वालों पर भी ठोस कार्यवाही हो पायेगी यदि हमे सचमुच में जल संरक्षण के लिये कुछ करना है तो सबसे पहले तालाब के किनारों पर हुये अतिक्रमण को पहले ही चरण में अतिक्रमण मुक्त कराना होगा इसके लिये नगर पंचायत के नगर अध्यक्ष अजय पटेल से ग्रामवासियों को उम्मीद और भरोसा है कि जल्दी से जल्दी कार्यवाही करवाकर तालाबों को अतिक्रमण से कब्जा मुक्त करवायें।
तालाबों के किनारों पर अतिक्रमण करने वालों में छोटे मोटे नागरिकों के अलावा रसूखदार व्यक्तियों के भी कब्जा है जिनमें से राजनैतिक पार्टियों से जुड़े हुये लोगों के भी कब्जे हैं जिन्हें भी हटाना पड़ेगा जिसके लिये बिना किसी भेदभाव के और राजनैतिक पार्टियों के दबाव के बिना इन सभी अतिक्रमण करने वालों पर उचित कार्यवाही ही तालाबों को बचाने के लिये कारगर उपाय होेगा।नगरवासियों को नगर अध्यक्ष से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कितनी जल्दी करवाते हैं यह देखने और सुनने की आस लगी है। देखें अब आगे क्या होता है।



