
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : अमेरा खुली खदान से लगे ग्राम परसोडीकला वासियों को एस ईसीएल प्रबंधन द्वारा पूर्व में दिये गये मुआवजा के आधार पर नया कोयला खदान खोले जाने खदान विस्तार के लिए सीपीटी गढ्ढा की खुदाई की जा रही थी।
इस दौरान 7 जून दिन शनिवार को ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन का पुरजोर विरोध किया । ग्रामीणों ने साफ़ लफ़्ज़ों में कहा- जब तक नौकरी नहीं लग जाता खनन कार्य स्फूर्त बंद किया जाए ।
वहीं प्रभावितों ने खनन मशीन के सामने बैठ कर भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा बल और ग्रामीणों के दरमियान नोकझोक भी हुई। आखिर खनन को बंद करना पड़ा। खदान प्रबंधन अधिकारियों ने मौके पर पहुंच समझाइश देने प्रयास किये। लेकिन ग्रामीण नहीं माने खुदाई का विरोध करते रहे। स्थानीय पुलिस द्वारा समझाइश देने के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ ।
ग्रामीणों को नौकरी दिए जाने की आश्वासन को लेकर समझौता होने के बाद खदान प्रबंधन ने ग्रामीणो को सक्षम उच्च अधिकारीयों से मुलाकात करने बोला।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि फर्जी प्रस्ताव के आधार पर 20 किसान को स्वीकृत मुआवजा प्रदान की जा चुकी है साथ ही विस्थापन बगैर अन्य सुविधा सहित नौकरी दिए जाने से पूर्व ही एसईसीएल प्रबंधन द्वारा खुदाई प्रारंभ कर दिया गया है।जो प्रभावितों के साथ नाइंसाफी है
नौकरी मिला ना कोई सुविधा जमीन की खुदाई प्रारंभ ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 किसान मुआवजा ले चुके हैं लेकिन उन्हें ना तो एस ईसीएल प्रबंधन अथवा प्रशासन द्वारा कोई बेसिक सुविधा दी जा रही है ना ही उन्हें नौकरी दिया जा रहा है
जब तक हमें नौकरी प्रदान नहीं किया जाएगा तब तक हम अपना जमीन किसी भी सूरत में खदान को नहीं देंगे।



