
लिवर हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने, पोषक तत्वों को संग्रहित करने और शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है, लेकिन जब लिवर में इन्फेक्शन हो जाता है, तो उसकी कार्यक्षमता पर सीधा असर पड़ता है और शरीर कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है. आइए एक्सपर्ट से समझते हैं कि लिवर में इन्फेक्शन क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है. लिवर इन्फेक्शन को मेडिकल भाषा में हेपेटाइटिस कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में सूजन आ जाती है. यह संक्रमण वायरल, बैक्टीरियल, फंगल या पैरासिटिक कारणों से हो सकता है. लिवर में इन्फेक्शन होने पर लिवर अपना काम ठीक से नहीं कर पाता और समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.
वायरस का संक्रमण:- लिवर में इन्फेक्शन के सबसे बड़े कारण वायरल हेपेटाइटिस होते हैं. इसके मुख्य प्रकार हैं – हेपेटाइटिस A, B, C, D और E. ये वायरस दूषित भोजन, संक्रमित खून, यौन संपर्क या संक्रमित सुई से फैल सकते हैं.
दूषित भोजन और पानी:- गंदा पानी, अधपका खाना या बाहर का असुरक्षित भोजन भी लिवर इन्फेक्शन का बड़ा कारण बन सकता है. इससे हेपेटाइटिस A और E का संक्रमण फैलता है.
शराब और धूम्रपान:- अधिक मात्रा में शराब पीना और धूम्रपान लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे लिवर कमजोर हो जाता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
दवाओं का दुष्प्रभाव:- कुछ दवाएं लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से भी लिवर पर असर पड़ सकता है और लिवर इन्फेक्शन हो सकता है.
लिवर इन्फेक्शन से बचाव के उपाय
साफ-सफाई का ध्यान रखें:- हाथ धोने की आदत डालें. खाना बनाने से पहले और शौचालय के बाद हाथ जरूर धोएं.
साफ पानी पिएं:- हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं. बाहर का गंदा पानी पीने से बचें.
टीकाकरण कराएं:- हेपेटाइटिस A और B के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं. बच्चों और वयस्कों को डॉक्टर की सलाह से टीका लगवाना चाहिए.
शराब और धूम्रपान से दूर रहें:- जितना हो सके शराब और तंबाकू के सेवन से बचें क्योंकि ये लिवर को कमजोर करते हैं.
दवाइयों का सेवन सावधानी से करें:- कोई भी दवा लंबे समय तक खुद से न लें. डॉक्टर की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें.
नियमित जांच कराएं:- अगर आपको पहले से कोई लिवर से जुड़ी समस्या है तो समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट करवाते रहें.



