
18 जून 2025:- मौसम में बदलाव होने पर बार-बार छींक आना सामान्य लक्षण है, लेकिन कभी-कभी ये लक्षण गंभीर भी हो सकता है. अक्सर कुछ लोग इसे हल्के में लेते हैं और सोचते हैं कि ये तो बस धूल, एलर्जी या मौसम बदलने की वजह से होने वाली एलर्जी है, लेकिन अगर आपको रोज बार-बार छींक आती है, तो यह सिर्फ एलर्जी नहीं बल्कि आपके कमजोर इम्युन सिस्टम का भी संकेत हो सकता है. इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि इसकी असली वजह को समझा जाए और सही उपाय किए जाएं, तो इसे समय रहते कंट्रोल किया जा सकता है जिन लोगों की इम्यून सेल्स कमजोर या ओवरएक्टिव होती हैं, उन्हें एलर्जी से बार बार छींक ज़्यादा आती है. आम लोगों की तुलना में इनको छींक किसी भी मौसम और समय में आती है. ये सब कमजोर इम्यूनिटी के कारण होता है. एलर्जी का इलाज कराने से भी इनको तहत नहीं मिलती है. ऐसे में अगर आपको यह समस्या है तो इम्यूनिटी को मजबूत करने की ओर ध्यान देने की जरूरत है.
इम्यूनिटी का छींक आने से क्या है कनेक्शन?
National Center for Biotechnology Information में भी इस तरह की एक रिसर्च प्रकाशिक हो चुकी है, जो बताती है कि नाक और गले में बनने वाली एंटीबॉडी जब कमजोर इम्यूनिटी के कारण कम हो जाती है है तो शरीर किसी प्रकार की एलर्जी या वायरस से लड़ नहीं पाता है. इस कारण बार-बार छींक आती है. हालांकि छींक आना शरीर का एक नेचुरल डिफेंस मैकेनिज्म है जिससे नाक में घुसे धूल, वायरस जैसे बाहरी तत्वों को बाहर निकाला जाता है, लेकिन ये समस्या लगातार बनी हुई है तो कमजोर इम्यूनिटी का कारण है.जब हमारी इम्यूनिटी कमजोर होती है, तो शरीर बाहरी संक्रमण से अच्छी तरह लड़ नहीं पाता. ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया आसानी से नाक और गले को शिकार बना लेते हैं, जिससे बार-बार छींक आने लगती है. इनके अलावा इसके कई दूसरे कारण भी हैं.
इन वजहों से भी बार-बार आती है छींक
एलर्जिक राइनाइटिस- धूल, पालतू जानवरों के बाल या फफूंदी जैसी चीजों से एलर्जी होना.
मौसम में बदलाव- ठंडी हवा या ज्यादा गर्मी के कारण नाक की संवेदनशीलता बढ़ जाना.
वायरल इंफेक्शन- जैसे सर्दी-जुकाम जिसमें नाक बहना और छींक आना आम लक्षण होते हैं.
कमजोर इम्यूनिटी- जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तो संक्रमण जल्दी होता है.
नाक की सफाई की कमी- नाक में जमा गंदगी या धूल कण भी बार-बार छींक का कारण बन सकते हैं.
बार-बार छींक आने के घरेलू उपाय
भाप लें- गर्म पानी में विक्स या अजवाइन डालकर भाप लेने से नाक की सफाई होती है और राहत मिलती है.
हल्दी वाला दूध- हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो इम्युनिटी को मजबूत करते हैं.
आंवला और गिलोय- रोजाना आंवले का जूस या गिलोय का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है.
शुद्ध हवा में रहें- धूल-धुएं से दूर रहें और रोज सुबह-शाम ताजगी भरी हवा में टहलें.
नाक धोएं- नमक मिले गुनगुने पानी से नाक की सफाई करने पर एलर्जन बाहर निकल जाते हैं.
अदरक और शहद- अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से एलर्जी कम होती है.



