
जनगणना में देरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
साथ ही यह सवाल भी उठाया कि क्या 2027 की जनगणना भाजपा शासित राज्यों को लाभ पहुंचाने वाले नए परिसीमन को ध्यान में रखते हुए की जा रही है? सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जातिवार जनगणना की लड़ाई शुरू से लड़ते आ रहे हैं और भाजपा ने इसका भरपूर विरोध करते हुए हमें ”शहरी नक्सली” तक करार दिया।
लेकिन देश के मूड को भांपते हुए दबाव में सरकार ने जातिवार गणना कराने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर पर अधिसूचना में इसका जिक्र नहीं होने से भ्रम तथा असंतोष है। इसलिए सरकार से आग्रह है कि जातिवार गणना पर तस्वीर पारदर्शी तरीके से साफ करे और तेलंगाना मॉडल को अपनाया जाए क्योंकि इसकी प्रश्नावली समाज के विभिन्न वर्गों के व्यापक परामर्श और भागीदारी के बाद तैयार की गई थी।
पायलट ने दावा किया कि ऐसा लगता है कि सरकार केवल सियासी विमर्श को मैनेज करने की कोशिश में है और महिला आरक्षण विधेयक जैसे भाजपा के ट्रैक रिकार्ड को देखते हुए हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर वे जातिवार जनगणना को चुपचाप स्थगित कर दें।



