
सावन माह के प्रमुख पर्वों मे से एक है नाग पंचमी का पर्व. नाग पंचमी हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ती है. अक्सर नाग पंचमी का पर्व हरियाली तीज के 2 दिन बाद आता है. हरियाली तीज का पर्व 27 जुलाई को मनाया जाएगा. नाग पंचमी के दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है.सावन माह की पंचमी तिथि को नाग देवताओं के पूजन के लिए शुभ माना जाता है. नाग पंचमी सावन के महत्वपूर्ण दिनों में से एक है. नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं के प्रतिनिधि के रूप में सर्पों की पूजा-अर्चना की जाती है. सर्पों को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है. साथ ही सावन माह में नाग देवता की पूजा से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
नाग पंचमी 2025 महत्व
1. नाग पंचमी का दिन बहुत खास होता है इस पावन पर्व पर, स्त्रियां नाग देवता की पूजा करती हैं.
2. इस दिन सर्पों को दुध अर्पित किया जाता है.
3. इस दिन स्त्रियां अपने भाइयों और परिवार वालों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी करती हैं.
नाग पंचमी पूजा मंत्र
1. सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
2. ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
3. ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।
4. ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥
इसका अर्थ है – इस संसार में, आकाश, स्वर्ग, झीलें, कुएं, तालाब तथा सूर्य-किरणों में निवास करने वाले सर्प, हमें आशीर्वाद दें तथा हम सभी आपको बारम्बार नमन करते हैं.



