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महाकाल की नगरी मे दिखा जगन्नाथ पुरी जैसा नजारा, तीन रथ पर निकलें भगवान, ड्रोन से हुईं पुष्पवर्षा?

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उज्जैन. बाबा महाकाल की नगरी जिसे धार्मिक नगरी के नाम से भी जाना जाता है. यहा हर पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. अवंतिका नगरी को देवताओं की नगरी भी कहते हैं. हर साल देवास रोड स्थित इस्कॉन मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है. आज इस्कॉन द्वारा निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की दोपहर 3 बजे शुरुआत हुई. मंगल आरती और विधि विधान पूजा के बाद भगवान जगन्नाथ को नंदी घोष रथ, देवी सुभद्रा को दर्पदलन और बलभद्र को तालध्वज रथ पर विराजित किया गया है.

यात्रा में शामिल रथों की ऊंचाई 21 से 25 फीट तक है. नगर के प्रमुख मार्गों पर सत्कार मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अहीर, गोंड व कोरकू जनजातीय नृत्य करते चल रहे हैं. भव्य रथ यात्रा में झांकियां, घोड़े, हाथी, बैलगाड़ी और नृत्य मंडलियां आकर्षण का केंद्र हैं. महिला, पुरुष, बच्चे सहित सभी भक्त भगवान का रथ खींच रहे हैं. रथ के आगे सोने की झाडू लगाई जा रही है.पूरे रास्ते में भक्त भगवान पर फूलों की वर्षा कर रहे हैं. इस्कॉन-उज्जैन द्वारा भगवान जगन्नाथ की 19वीं रथ यात्रा में सीएम डॉ मोहन यादव भी शामिल होंगे.

जानिए किस मार्ग से निकल रही यात्रा
बाबा महाकाल की नगरी नें भगवान जगन्नाथ की यात्रा मंडी चौराहा से प्रारंभ होकर चामुंडा माता चौराहा, टावर, तीन बत्ती चौराहा, देवास रोड होती हुई कालिदास अकादमी स्थित गुंडिचा पहुंचेगी. कालिदास अकादमी परिसर में भव्य गुंडिचा मंदिर की स्थापना होगी.यहां पर सीएम मोहन यादव शाम को रथ यात्रा की आरती कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे.

7 दिनों तक विश्राम करेंगे भगवान
ऐसे तो रोजा इस्कॉन मंदिर मे कई धार्मिक कार्यक्रम होते है. लेकिन रथ यात्रा के बाद इस्कॉन मंदिर का सांस्कृतिक पर्व 27 जून से 5 जुलाई तक मनाया जा रहा है. इस आयोजन के तहत प्रतिदिन आरती, कथा, कीर्तन, प्रसाद वितरण व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. मैथली ठाकुर सहित राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति होंगी. भगवान 7 दिनों तक गुंडिचा मंदिर में विश्राम करेंगे, 5 जुलाई को वापसी रथ यात्रा निकाली जाएगी.

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