कार्सिनॉयड कैंसर एक प्रकार का धीमी गति से बढ़ने वाला न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है, जो शरीर के हॉर्मोन बनाने वाले सिस्टम को प्रभावित करता है. यह कैंसर आमतौर पर पाचन तंत्र में, विशेष रूप से छोटी आंत, अपेंडिक्स, रेक्टम और पेट में या फिर फेफड़ों में विकसित होता है. इस तरह के कैंसर में ट्यूमर अत्यधिक मात्रा में हॉर्मोन बनाने लगते हैं, जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. कार्सिनॉयड कैंसर लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रह सकता है, जिससे इसका समय पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है. यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अगर समय रहते इलाज न मिले तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है. आइए जानते हैं यह कैंसर क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.
कार्सिनॉयड कैंसर के लक्षण क्या हैं?
दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में डॉ. विनीत तलवार बताते हैं कि कार्सिनॉयड कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह ट्यूमर शरीर के किस हिस्से में विकसित हो रहा है. यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए इसके लक्षण लंबे समय तक नजर नहीं आते या सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं. आमतौर पर मरीज को चेहरे, गर्दन या छाती पर बार-बार गर्माहट व लालिमा महसूस होना, लगातार दस्त, पेट में ऐंठन, सांस लेने में परेशानी या घरघराहट, वजन का अचानक घटना, थकान, कमजोरी, त्वचा पर लाल या पर्पल चकत्ते, मूंह से बदबू और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर में बार-बार बदलाव भी देखा जाता है. अगर यह कैंसर लिवर या अन्य अंगों तक फैल जाए, तो इसके लक्षण और अधिक गंभीर हो सकते हैं जैसे दिल की धड़कन तेज होना या हार्ट वॉल्व को नुकसान होना. कई बार यह कैंसर शरीर में बिना लक्षण के भी मौजूद रहता है और केवल किसी दूसरी जांच के दौरान पता चलता है. इसलिए अगर शरीर में लगातार कोई असामान्य बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं, विशेष रूप से अगर परिवार में किसी को न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर रहा हो.
हेल्दी डाइट लें और प्रोसेस्ड फूड से बचें. साथ ही, रोजाना एक्सरसाइज करें.
धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं.
पेट संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच कराएं.
स्ट्रेस कम करें, क्योंकि यह हॉर्मोनल इम्बैलेंस को बढ़ावा दे सकता है
शरीर में बार-बार गर्माहट या दस्त जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.



