
आजकल बहुत से लोग बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं. चाहे लड़के हों या लड़कियां. उम्र कोई भी हो बालों की सेहत बिगड़ती जा रही है. जब भी बाल गिरने लगते हैं तो हम सबसे पहले शैंपू बदलते हैं, हेयर ऑयल ट्राय करते हैं या नए कंडीशनर का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन क्या वाकई सिर्फ शैंपू बदलने से बालों का झड़ना रुकता है?सच्चाई ये है कि बालों का झड़ना सिर्फ बाहरी केयर से नहीं रुकता. असली वजह अक्सर हमारे शरीर के अंदर होती है. हमारे हार्मोन यानी हॉर्मोनल बैलेंस बालों की सेहत पर सीधा असर डालते हैं. जब ये हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, तो बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल तेजी से गिरने लगते हैं.
1. एंड्रोजन (DHT)- एंड्रोजन खासकर DHT (Dihydrotestosterone) नाम का हार्मोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाया जाता है. जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह बालों की जड़ों को सिकोड़ देता है जिससे बाल पतले होने लगते हैं और जल्दी गिरते हैं. DHT के बढ़ने के कई कारण हैं जैसे- तनाव, बिगड़ती लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खाना या फिर जेनेटिक कारण भी होते हैं. ये हार्मोनिक हेयर लॉस खासकर पुरुषों में आम होता है लेकिन महिलाओं में भी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी स्थिति में DHT बढ़ जाता है.
2. थायरॉइड हार्मोन- थायरॉइड हार्मोन हमारे मेटाबॉलिज्म और शरीर के कई फंक्शन को कंट्रोल करता है. अगर ये बहुत कम (हाइपोथायरॉइडिज्म) या बहुत ज्यादा (हाइपरथायरॉइडिज्म) हो जाए तो बाल झड़ने लगते हैं. खासकर थकान, वजन बढ़ना, स्किन ड्रायनेस जैसे लक्षणों के साथ बाल झड़ने लग रहे हैं तो थायरॉइड जांच जरूर कराएं.
3. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन- महिलाओं में प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज़, पीसीओएस या हार्मोनल पिल्स लेने के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ सकता है. इससे बालों की ग्रोथ स्लो हो जाती है और बाल जल्दी झड़ते हैं. प्रेग्नेंसी के बाद बाल गिरना इसी हार्मोनल बदलाव का नतीजा होता है.
4. इंसुलिन- इंसुलिन सिर्फ शुगर कंट्रोल नहीं करता, बल्कि इसका ताल्लुक बालों से भी है. जब शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है तो हार्मोनल डिसबैलेंस होता है शरीर में, जिससे बालों पर असर पड़ता है. खासतौर पर PCOS से जूझ रहीं महिलाएं इस परेशानी से ज्यादा प्रभावित होती हैं.
तो अब क्या करें:- अगर आप भी लंबे समय से बालों के गिरने की शिकायत से परेशान हैं और हर तरह के शैंपू, तेल या घरेलू उपाय आजमा चुके हैं तो अब समय है अंदरूनी कारणों की जांच करने का. किसी अच्छे डॉक्टर से मिलकर ब्लड टेस्ट कराएं और हार्मोनल बैलेंस की जांच कराएं. ज़रूरत हो तो मेडिकली गाइडेड इलाज करवाएं. साथ ही अपनी डाइट सुधारें. प्रोटीन, आयरन, विटामिन B12, बायोटिन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाना बालों के लिए जरूरी है. स्ट्रेस कम करें, अच्छी नींद लें और रोज़ाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करें.



