मुन्ना पांडेय सरगुजा : स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से लोकल फार फोकल विषयों पर आधारित 6 दिवसीय हाट का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता सम्मान समारोह एवं आकांक्षा हॉट उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन 31 जुलाई 2025 दिन गुरुवार को जनपद पंचायत कार्यालय प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल रहे उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में धूप दीप प्रज्वलित कर फिता काटकर आकांक्षा हाट बाजार का उद्घाटन किया।दरअसल आकांक्षी विकास खंड अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से 6 दिवसीय आकांक्षा हाट का आयोजन 31 जुलाई से किया गया है जो 5 अगस्त 2025 तक चलेगा।यह हाट बाजार प्रतिदिन 12:00 से शुरू होकर शाम 4:00 बजे तक चलना सुनिश्चित किया गया है। मचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया गया।विधायक अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टाल का अवलोकन करते हुए कुछ पसंदीदा सामानों की खरीदारी भी किया।इस मौके पर प्रोजेक्टर के जरिए बीते साल के कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मितानिनों,एन आर एल एम् के दीदीयो और समुह सदस्यों को प्रशस्ति पत्र और मेंडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं अतिथियों ने वन विभाग के सहयोग से एक पेड़ मां के नाम मुहिम के तहत पौधा रोपित किया जंप क्षेत्र में बिहान योजना से जुड़े विभिन्न महिला समुह के सदस्यों द्वारा लगाये दुकानों में सामानों की बिक्री की गई । पहले दिन आयोजित हाट बाजार संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह में जिला कलेक्टर विलास भोस्कर ने भी शिरकत किया । महिला समूह के सदस्यों द्वारा लगाये गये दूकानों का अवलोकन किया। स्वयं सहायता समूह के महिलाओं द्वारा निर्मित सामानों को क्षेत्र के लोगों के हाथों बेचने समझाइश दी। ताकि आर्थिक आय का जरिया बन सके। महिला समुह सदस्य अपने आप को मजबूत बना सकें।इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि राकेश अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश बारी, राजेंद्र जायसवाल राकेश साहू,सचिन, अग्रवाल, चौपाल संस्था प्रमुख गंगा राम पैकरा जिला पंचायत सदस्य मोनिका पैकरा जंप सीईओ स्वैचछा सिंह, एसडीओ प्रवीण खलखो, कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक मिंज आकांक्षी ब्लॉक समन्वयक, विभागीय अधिकारी कर्मचारी तथा ग्राम पंचायतों से आये महिला समुह सदस्य उपस्थित रहे।



