रायपुर : मतांतरण को लेकर रविवार को कुकुरबेड़ा बस्ती में विवाद हो गया। बस्ती के लोगों के बुलाने पर पहुंचे हिंदू संगठनों ने एक मकान का घेराव कर दिया। हिंदू संगठन ने मसीही समाज के लोगों पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। विवाद की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल पहुंच गया। मकान में बने अवैध चर्च में प्रार्थना में शामिल 30 से 35 लोगों को पुलिस ने थाना ले गई।
पुलिस जिन लोगों को हिरासत लेकर थाने ले गई, उनमें बस्ती के अलावा बाहरी लोग भी शामिल थे। हिंदू संगठनों और कुकुरबेड़ा निवासियों के लिखित आवेदन के बाद सरस्वती नगर थाना में ने एक महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की। पिछले कुछ महीनों में शहर में मतांतरण को लेकर लगातार घटनाएं बढ़ रही है।
शहर की 130 बस्तियां है, इनमें 30 से अधिक बस्तियों में अवैध मतातंरण का खेल चल रहा है। ईसाई समुदाय के लोग आर्थिक रूप से कमजोर और बस्तियों में रह रहे लोगों को निशाना बनाते हैं। चंद पैसों का लालच देकर उनका मतांतरण करवाते हैं।
10 वर्षों से चल रहा मतांतरणबजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने बताया कि कुकुरबेड़ा में पिछले 10 वर्षों से मतांतरण चल रहा है। कुकुरबेड़ा के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत भी की, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बस्ती के लोगों ने अवैध चर्च का विरोध किया, हिंदू संगठनों की इसकी सूचना दी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचकर अवैध मतांतरण का विरोध किया। तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई किया।
बीमार लोगों के घरों में जाकर करते हैं प्रार्थनाबस्ती के लोगों ने बताया कि बीमार लोगों की जानकारी मिलते हैं, उनके घरों में जबरदस्ती घुस जाते हैं। वहां पर प्रार्थना करने लगते हैं। उन्हें पैसों का लालच देते हैं। घर की सभी परेशानियो काे ठीक करने का वादा कर मतांतरण के लिए प्रेरित करते हैं।
28 जुलाई को डब्ल्यूआरएस कालोनी स्थित उत्कल बस्ती में भी अवैध चर्च का मामला सामने आया था। चर्च में बस्ती के लोगों को बरगलाकर प्रार्थना में बुलाया जाता था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अवैध चर्च को पुलिस ने सील कर दिया था। 31 जुलाई को गुढ़ियारी स्थित मुर्रा भट्ठी में भी मतांतरण का विरोध हुआ। जिसके बाद पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में समझाइश देकर छोड़ दिया था।



