12 अगस्त 2025:- मांसपेशियों में दर्द है, लगातार थकान हो रही है, शरीर में काम करने की एनर्जी नहीं- ये सब लक्षण बता रहे हैं कि शरीर में खतरनाक लेवल पर विटामिन डी की कमी हो चुकी है. और विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सबसे आसान और बिना किसी खर्च के बस एक ही इलाज है -धूप/Sunlight. जी हां, शरीर में विटामिन डी की मात्रा बढ़ानी है तो धूप सेंकना बेहद जरुरी है.आपको बता दें कि रिपोर्ट का ये आंकड़ा चौंकाने वाला है क्योंकि शहरों में रहने वाले 70 फीसदी लोगों में विटामिन डी की गंभीर कमी पाई गई जबकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों में सिर्फ 30 फीसदी लोग ही ऐसे हैं जिनमें विटामिन डी की कमी पाई गई. साथ ही रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि विटामिन डी की कमी सबसे अधिक महिलाओं में पाई गई.
खून में कितना होना चाहिए Vitamin D का लेवल:- ये जानना बेहद जरूरी है कि जिस Vitamin D की सब बात करते हैं आखिर उसका माप कितना होना चाहिए. आपको बता दें कि खून में Vitamin D का स्तर 30 नैनोग्राम से ऊपर होना चाहिए. यदि किसी का स्तर 10 नैनोग्रम से कम है तो इसे गंभीर स्टेज माना जाता है. WHO की रिपोर्ट में भी ये पाया गया कि शहरी लोगों में Vitamin D का स्तर 7.7 नैनोग्रम था जो कि खतरनाक स्टेज है जबकि ग्रामीण लोगों का स्तर 16.2 नैमोग्राम था.
धूप से कैसे मिलता है Vitamin D:- Vitamin D को पाने का सबसे मेजर सोर्स है सूरज की किरणें. इंसानी शरीर को धूप और भोजन, दो ही ऐसे तरीके हैं जिनसे Vitamin D मिलता है. हालांकि इसके लिए लोग अब सप्लीमेंट्स भी लेने लगे हैं. आपको बता दे कि जब सूरज की रोशनी जब स्किन पर पड़ती है तो स्किन की सबसे ऊपरी परत में मौजूद डिहाइड्रोकॉलेस्टेरॉल-7, कंपाउंड Vitamin D-3 में बदल जाता है. इसके बाद होता है असली गेम जिसमें किडनी और लीवर मिलकर इस कंपाउंड को Vitamin D में बदल देते हैं.
कांच की खिड़की से आने वाली धूप न लें:- लोगों को लगता है कि कुछ मिनट अपनी दिनचर्या नसे निकाल कर धूप लेने से Vitamin D बढ़ जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं होता. कुछ इलाकों में या दो प्रदूषण इतना है कि धूप की किरणें सीधी आ ही नहीं पा रही या फिर लोग पूरे कपड़े पहनकर कर धूप लेते हैं जो ना के बराबर है. ध्यान रखें कांच की खिड़की से आने वाली धूप किसी काम की नहीं. उससे दूर ही रहे तो अच्छा (Vitamin D लेने के मामलों में सिर्फ).
क्या है सही तरीका धूप लेने का
1. 30 नैनोग्राम तक धूप लेनी है तो कम से कम वो भी रोजाना 2 घंटे तक चेहरे, हाथ और बाहों पर सीधी धूप लगने देना है.
2. यदि 20 नैनोग्राम Vitamin D पाना है तो कम से कम एक घंटे तक रोजाना बाहर रहना जरूरी है.
3.खिड़की के कांच से आने वाली धूप से बचना चाहिए.
4. UVB किरणों वाली धूप से ही Vitamin D मिलता है जो सुबह 11 बजे से 2 बजे तक होती है. सुबह या शाम वाली धूप में UVB किरणें उतनी अधिक नहीं होती.



