
मुंगेली : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी नियमितीकरण सहित लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सोमवार को हड़ताल का आठवां दिन रहा। हड़ताल स्थल पर पहुंचे एनएचएम प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जोश और उत्साह के साथ अनवरत जारी रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और वे अपनी मांगों को लेकर पूरे दिन डटे रहे। खास बात यह रही कि महिला कर्मचारी छोटे-छोटे बच्चों के साथ हड़ताल में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से रख रही हैं।
डॉ. मिरी ने कहा कि हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी प्रकार की पहल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने 160 से अधिक ज्ञापन, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात, विधानसभा में अनुशंसा पत्र सहित कई प्रयास किए, पर सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया। उन्होंने याद दिलाया कि जुलाई 2023 में पिछली सरकार के समय भी हड़ताल हुई थी और उस समय नेताओं ने संविदा कर्मचारियों को मोदी की गारंटी के तहत 100 दिन के भीतर नियमित करने का आश्वासन दिया था। लेकिन नई सरकार ने वादे को भुला दिया है। हड़ताली कर्मचारियों ने पोला त्यौहार स्थल पर मनाया और अब तीज पर्व भी यहीं मनाने की तैयारी है। कर्मचारियों का कहना है कि 27% वेतन वृद्धि की स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं हुए हैं, जिससे आक्रोश बढ़ा है। एनएचएम कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और राज्य स्तर पर हड़ताल की जाएगी। जिले में चल रही हड़ताल से सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और जन जागरूकता कार्यक्रम पूरी तरह ठप हो गए हैं। हड़ताल स्थल पर रवि दीक्षित, अमित दुबे, पवन निर्मलकर, मनीष गुप्ता, जितेंद्र गौचंद, सचिन महोबिया, सरिता पाव, दुलेश्वरी यादव, कार्तिक राजकुमार साहू, डॉ. रुपेश, दुर्गा शंकर तिवारी, अर्चना राही, नागेश भास्कर, ज्योति मरावी, प्रतिमा, नेहा, रीमा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।



