
दुबई : एशिया कप में रविवार को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर इस बार माहौल कुछ अलग है। जहां पहले इस हाई-वोल्टेज भिड़ंत को लेकर दर्शकों और बीसीसीआई और उसके राज्य संघों के पदाधिकारियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता था, वहीं अब स्थिति बदली हुई नजर आ रही है।
इस मैच को लेकर भारत में चल रही ‘बायकाट मुहिम’ के कारण बीसीसीआई के अधिकतर पदाधिकारियों ने इस मैच से दूरी बना ली है। इसे बीसीसीआई का ‘अदृश्य बायकाट’ भी माना जा रहा है।एशिया कप का मेजबान बीसीसीआई है और भारत पाकिस्तान मैच में केवल एक दिन शेष है।
बावजूद इसके अब तक बोर्ड का कोई बड़ा पदाधिकारी दुबई नहीं पहुंचा है। जबकि पिछली बार जब दुबई में ही चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान का मैच हुआ था, तो बीसीसीआई के तमाम शीर्ष पदाधिकारी और कई राज्य क्रिकेट बोर्डों के प्रतिनिधि यहां मौजूद थे।
कोषाध्यक्ष प्रभतेज भाटिया और संयुक्त सचिव रोहन देसाई का भी आना मुश्किल है। उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के कार्यकारी बोर्ड सदस्य भी हैं। ऐसे में वह भारत की जीत के बाद जरूर कैमरे पर दिखाई दे सकते हैं। बीसीसीआई के पूर्व सचिव, एसीसी के पूर्व चेयरमैन और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ने इस समय अपने दुबई ऑफिस की जगह अमेरिका के किसी बैठक में शामिल होने का निर्णय लिया है।
सूत्रों का कहना है कि अगर कोई पदाधिकारी मैच देखने पहुंचा भी तो वह केवल भारत की जीत सुनिश्चित होने के बाद ही कैमरे पर दिखेगा। कुल मिलाकर एशिया कप के इस हाई-वोल्टेज भारत-पाक मैच में इस बार न केवल दर्शकों का, बल्कि बीसीसीआई अधिकारियों का भी का उत्साह फीका पड़ता दिख रहा है।



