
नई दिल्ली : भाजपा ने रविवार को कहा कि अरबपति कारोबारी जार्ज सोरोस के विरुद्ध विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने के आरोपों की अमेरिकी सरकार की जांच से भारतीय विपक्ष भी बेनकाब हो सकता है। साथ ही विपक्ष का व्यापक तंत्र भी इस जांच के दायरे में आ सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने विपक्षी नेताओं पर सोरोस की रणनीति की नकल करने और उनके फंडिंग नेटवर्क से लाभ उठाने का आरोप लगाते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा, “शुरुआती संकेत बताते हैं कि जांच विदेशी फंडिंग से जुड़े नेटवर्क तक बढ़ सकती है, जिसमें भारत में सोरोस से जुड़े लोग भी शामिल हैं।”
उन्होंने कहा, “अगर यह सच है, तो इसका मतलब है कि विपक्ष के प्रमुख नेता और उनका व्यापक तंत्र जांच के दायरे में आ सकता है। वे पिछले 11 वर्षों से भारत में अशांति फैला रहे हैं, कलह कर रहे हैं और स्थिरता को कमजोर कर रहे हैं। अगर यह जांच तथ्यों के आधार पर होती है, तो उनका विघटनकारी अभियान विफल हो जाएगा। सच सामने आने दीजिए।”
मालवीय ने देश की चुनावी प्रक्रिया पर संदेह जताने के लिए राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा था, ”ऐसा नहीं है कि वह चुनाव प्रक्रिया को नहीं समझते। वह बहुत अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्टता नहीं, बल्कि अराजकता है।” भाजपा नेता ने एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी और जार्ज सोरोस के बीच संबंध का अपना आरोप दोहराया था और कहा था कि कांग्रेस नेता अपनी पार्टी के चुनाव हारने पर षड्यंत्र का सिद्धांत गढ़ते हैं।



