
एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आईये) और ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान के तहत 71 माओवादियों, जिनमें 30 ईनामी (कुल 64 लाख रुपये के इनाम) शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 21 महिलाएं और 50 पुरुष हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों में बामन मड़काम (8 लाख रुपये इनाम), शमिला उर्फ सोमली कवासी, गंगी उर्फ रोहनी बारसे, देवे उर्फ कविता माड़वी (प्रत्येक 5 लाख रुपये इनाम) और जोगा मड़काम (2 लाख रुपये इनाम) जैसे प्रमुख नक्सली शामिल हैं, जो विभिन्न मुठभेड़ों और नक्सली गतिविधियों में संलिप्त थे।
दंतेवाड़ा पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों से माओवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और संवाद किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वालों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50 हजार रुपये की सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, कृषि भूमि और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पिछले 19 महीनों में दंतेवाड़ा में 129 ईनामी सहित 461 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि बस्तर रेंज में ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत 297 ईनामी सहित 1113 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। दंतेवाड़ा पुलिस और प्रशासन ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर शांति और विकास के मार्ग पर लौटने की अपील की है।



