
नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय की चुनावी रैली के दौरान मची भगदड़ पर तमिलनाडु सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु सरकार को भेजे अपने पत्र में गृह मंत्रालय ने भगदड़ की स्थिति और पीडि़तों के बचाव एवं उपचार के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी देने को कहा है।
साथ ही राज्य सरकार ने भी घटना को लेकर आयोग का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता रिटायर जज करेंगे। वहीं, भगदड़ को लेकर एक्टर विजय से भी पूछताछ हो सकती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से बात कर करूर में भगदड़ के बाद की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक बयान में कहा- ” करूर में हुई भगदड़ में लोगों की मौत से अत्यंत दु:खी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ”तमिलनाडु के रैली में हुई दुखद दुर्घटना से अत्यंत दुखी हूं। निर्दोष लोगों की जान जाना सचमुच हृदयविदारक है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भगदड़ की घटना में कई लोगों की मौत पर दुख जताया। राहुल गांधी ने कहा- ” दुखद घटना से बहुत दुखी हूं, जिसने कई बहुमूल्य जिंदगियां छीन लीं। मेरी संवेदनाएं उनके प्रियजनों के साथ हैं और मैं उन सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर दुख जताया और पीडि़तों के प्रति संवदेना जताई। उधर, सत्तारूढ़ द्रमुक ने भगदड़ को लेकर विजय पर निशाना साधा। द्रमुक प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा: ”यह दिल दहला देने वाली घटना है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस रैली के आयोजक ही स्पष्ट रूप से जिम्मेदार हैं।”
उन्होंने आयोजकों पर जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया क्योंकि वे कुछ आकर्षक ड्रोन तस्वीरें दिखाना चाहते थे ताकि यह दिखाया जा सके कि रैली में इतने सारे लोग आए थे। उन्होंने आरोप लगाया, ”इसके लिए कौन जवाबदेह होगा? यह विजय की एक चाल है।”
पहले भी राजनीतिक दलों की रैलियों में मची भगदड़ में गई हैं कई लोगों की जानें आमतौर पर भगदड़ की घटनाएं धार्मिक आयोजन में होती हैं लेकिन राजनीतिक दलों की रैलियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। चुनावी रैलियों में भी भगदड़ में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आइए डालते हैं कुछ घटनाओं पर नजर
दो जनवरी 2023 में तेलुगु देसम पार्टी की एक अन्य रैली में भगदड़ मची। इसमें तीन महिलाओं की जान गई थी। जनसभा में गरीबों को विशेष राशन किट और कपड़े बांटे जा रहे थे। तभी भीड़ के बेकाबू होने से यह दर्दनाक हादसा हुआ था। चंद्रबाबू नायडू की रैलियों में हुई भगदड़ की दोनों घटनाओं में सिर्फ चार दिन का अंतर था।
तीन मई : उत्तर गोवा के शिरगांव गांव में लैरी जात्रा(वार्षिक जुलूस) के दौरान भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत और 80 लोग घायल हुए।
15 फरवरी : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात के समय भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में अधिकांश महाकुंभ के तीर्थयात्री थे।
29 जनवरी : महाकुंभ के संगम क्षेत्र में सुबह के समय भगदड़ में 30 लोगों की मौत और 60 लोग घायल हुए। लाखों तीर्थयात्री मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान के लिए जुटे थे।
आठ जनवरी : तिरुमाला हिल्स के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंट द्वार दर्शन के लिए टिकट के लिए जूझते समय कम से कम छह भक्तों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए।



