नई दिल्ली : वैश्विक बाजारों के अनुरूप घरेलू स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी है। मंगलवार को दिल्ली के सराफा बाजार में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,29,580 रुपये बताई गई। इस साल सोना अब तक 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है, लेकिन इस बढ़ती कीमत के कारण सोने की खरीदारी थमी नहीं है।
कूंचा महाजनी स्थित दिल्ली सराफा बाजार के थोक कारोबारी विमल गोयल ने बताया कि कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी से सोने के जेवरों की खरीदारी जरूर थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन सिक्के और बार (छड़) की बिक्री बढ़ गई है। गोयल का मानना है कि इस साल धनतेरस पर भी सोने की कीमत मंगलवार के भाव की तरह ही या अधिकतम 500-1000 रुपये प्रति 10 ग्राम ऊपर-नीचे रहने की संभावना है।
अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान, ईरान, इजरायल जैसे कई देश किसी न किसी कारण से उलझे हुए हैं। ऐसी स्थिति में निवेशकों का रुझान सोने को लेकर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत अवस्था में रखने के लिए दुनियाभर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने की खरीदारी में तेजी आई है।
निवेश के रूप में सोने की खरीदारी की मात्रा लगातार बढ़ रही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक दुनिया में सबसे अधिक चीन सालाना लगभग 380 किलोग्राम सोने का उत्पादन करता है। भारत का सोना उत्पादन में कोई स्थान नहीं है जबकि भारत में सालाना 800 टन की खपत है जो दुनिया में दूसरा सर्वाधिक खपत है।
मात्र पांच साल बाद 2005 में एक किलोग्राम सोने की कीमत इनोवा गाड़ी के बराबर तो वर्ष 2010 में फाच्र्यूनर के बराबर हो गई। अब एक किलो सोने की कीमत लैंड रोवर गाड़ी के बराबर हो गई। यानी कि अगर किसी व्यक्ति ने वर्ष 1990 में मारुति 800 कार की जगह एक किलो सोना खरीदा होता तो आज उस व्यक्ति की हैसियत लैंड रोवर कार खरीदने की होती। लैंड रोवर की कारों की कीमत 80 लाख रुपये (एक्स शोरूम) से शुरू होती है, जो अधिकतम 2.68 करोड़ रुपये तक है।
1990 —————— 3200 रुपये
2000 —————— 4400 रुपये
2005 —————— 7,000 रुपये
2010 —————— 18,500 रुपये
2025 —————— 1,29,580 रुपये(कीमत 10 ग्राम सोने की)



