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अफगानिस्तान में भूकंप ने मचाई तबाही, हजरत अली की दरगाह को नुकसान… मदद के लिए उतरा भारत

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फगानिस्तान में रविवार देर रात आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है. 6.3 तीव्रता के इस भूकंप ने बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों को बुरी तरह हिला दिया. अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत और 500 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है.

भूकंप का केंद्र मजार-ए-शरीफ के पास 28 किलोमीटर गहराई में था, जिसे राजधानी काबुल समेत कई इलाकों में महसूस किया गया. भूकंप के झटकों से मजार-ए-शरीफ की ऐतिहासिक ‘ब्लू मॉस्क’ (नीली मस्जिद) को भी नुकसान पहुंचा है. ये मस्जिद हजरत अली की दरगाह के तौर पर जाना जाता है. सदियों पुराना यह स्थल अफगानिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है और इस्लामी एवं सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में मस्जिद की दीवारों से ईंटें गिरती दिखीं. हालांकि अफगान अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद की संरचना अब भी सुरक्षित है.अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है. बल्ख और समांगन प्रांतों में सबसे ज्यादा तबाही दर्ज की गई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सरकार प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में जुटी है. हमें जनहानि और वित्तीय नुकसान पर गहरा दुख है.’

भारत ने मदद भेजी

इसी बीच, भारत ने एक बार फिर अपने मानवीय रुख का परिचय देते हुए अफगानिस्तान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने भूकंप प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘भारत ने अफगान लोगों के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए भोजन सामग्री भेजी है.’

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने अफगान समकक्ष अमीर खान मुत्ताकी से बात की और संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा, ‘आज राहत सामग्री सौंपी जा रही है, जल्द ही दवाइयों की अगली खेप भी भेजी जाएगी.’ राहत काफिला कम से कम दो ट्रकों में अफगानिस्तान के उत्तरी इलाकों में पहुंच चुका है.

लगातार आए भूकंपों से मची तबाही

संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि उसकी टीमें जमीनी स्तर पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रही हैं. भूकंप के झटके से काबुल-मजार राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ, जिससे कुछ देर यातायात बाधित रहा, हालांकि बाद में रास्ता साफ कर दिया गया. अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों में भूकंप की लगातार मार झेल रहा है. अगस्त 2025 में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में 2,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में हेरात में आए विनाशकारी झटकों में करीब 4,000 लोग मारे गए थे.

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