
दिल्ली :- दिल्ली में सोमवार को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में देशभर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है. इसके तार हरियाणा के नूंह से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, नूंह से 20 क्विंटल NPK (अमोनियम नाइट्रेट) खरीदा गया था, जिसका इस्तेमाल धमाके में होने की आशंका है. अवैध माइनिंग के लिए उपयोग होने वाले इस विस्फोटक की खरीद में आतंकियों के मददगारों की भूमिका संदिग्ध है. जांच एजेंसियां गोदामों की पड़ताल कर रही हैं और खाद विक्रेताओं से पूछताछ जारी है.दिल्ली ब्लास्ट का सामान नूंह से खरीदा गया था. इसके तार अब सीधे तौर पर जुड़ते नजर आ रहे हैं. पुलिस को शक है कि नूह से ही किसी ने आतंकियों की मदद की है. जांच एजेंसियां नूह में पड़ताल में जुटी हुई हैं. यहां खाद विक्रेताओं के स्टॉक चेक किए जा रहे हैं.
नूह से ही मिला खरीदा था NPK:- आतंकियों ने नूह से ही एनपीके खरीदा था, जो लगभग 20 कुंदल था. खाद विक्रेता ने नाम और पहचान छिपाने की शर्त पर पूरी बात बताई है. बता दें कि एनपीके को बिना रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड के नहीं खरीदा जा सकता है. किसी लोकल की मदद से ही NPK इतनी बड़ी मात्रा में खरीदा जा सकता है.
लाल किला ब्लास्ट का नूंह कनेक्शन:- दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन मेवात से जुडा हुआ हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक लाल किला बम ब्लास्ट की जांच करती हुई दिल्ली पुलिस बुधवार शाम तकरीबन 6 बजे हरियाणा के नूह -फिरोजपुर झिरका के वसई मेव गांव पहुंची थी. खबर है कि इस इलाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल अवैध माइनिंग में किया जाता है. वसई मेव और नागल गांव में चोरी छिपे अवैध माइनिंग की जाती है. विस्फोट के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में संभावना है कि इस जगह से आसानी से अमोनियम नाइट्रेट मिल सकता था. जांच एजेंसी इसी एंगल को खंगालते हुए फिरोजपुर के वसई मेव गांव पहुंची थी.



