Home देश BJP का ऑपरेशन पश्चिम बंगाल, अपनाई जाएगी बिहार और महाराष्ट्र की रणनीति

BJP का ऑपरेशन पश्चिम बंगाल, अपनाई जाएगी बिहार और महाराष्ट्र की रणनीति

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नई दिल्ली : बिहार में ऐतिहासिक जीत के साथ सरकार बनाने के साथ ही भाजपा का आपरेशन पश्चिम बंगाल शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में विधानसभा के चुनाव होने हैं। लेकिन अमित शाह ने पांच महीने पहले ही छह संगठन सचिवों और छह वरिष्ठ नेताओं को तैनात कर दिया है।

ये सभी आने वाले पांच महीनों तक बंगाल में ही डेरा डालेंगे। पश्चिम बंगाल में भी बिहार और महाराष्ट्र रणनीति अपनायी गई है। महाराष्ट्र और बिहार को पांच-पांच संभागों में बांटा गया था। पश्चिम बंगाल में बड़ी चुनौती कोदेखते हुए छह संभागों में बांटा गया है।

क्यों दी गई अनंत मिश्र को जिम्मेदारी?

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार उत्तरी पश्चिम बंगाल में पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाले गलियारे में मालदा जैसे इलाके की जिम्मेदारी अरुणाचल प्रदेश के संगठन मंत्री अनंत नारायण मिश्र को मिली है। अनंत नारायण मिश्र का पूर्वोत्तर भारत में भाजपा के लिए काम करने का लंबा अनुभव है।

राष्ट्रीयसुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण भाजपा इस इलाके को काफी अहम मान रही है। जबकि राढ़बंगा क्षेत्र की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री पवन साई को दी गई है। पवन साई के साथ उत्तराखंड सरकार के मंत्री धन सिह रावत को लगाया गया है। उनका जोर पुरुलिया और वर्धमान जैसे इलाकों में भाजपा की जमीन मजबूत करने की होगी।

वहीं हावड़ा, हुगली और मेदिनीपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी दिल्ली के संगठन मंत्री पवन राणा को दी गई है। उनके साथ हरियाणा के वरिष्ठ नेता संजय भाटिया काम करेंगे। मेदिनीपुर क्षेत्र में यूपी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर तैनात किया गया है। यह शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव वाला इलाका है।

BJP ने उतारी अनुभवी टीम

कोलकाता महानगर और दक्षिण 24 परगना क्षेत्र की कमान हिमाचल के संगठन मंत्री एम. सिद्धार्थन को दी गई है। सूत्र बताते हैं कि उनके साथ कर्नाटक के दिग्गज नेता और पूर्व भाजपा महामंत्री सी.टी. रवि को लगाया गया है। कोलकाता वह इलाका है जो टीएमसी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है, इसलिए पार्टी ने यहां सबसे अनुभवी टीम उतारी है।

नवद्वीप और उत्तर 24 परगना क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के संगठन मंत्री एन. मधुकर को जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ यूपी के मंत्री सुरेश राणा होंगे। यह इलाका राजनीतिक संवेदनशीलता, सांप्रदायिक समीकरणों और टीएमसी की गहरी पकड़ के लिए जाना जाता है। सिलीगुड़ी में कर्नाटक के संगठन मंत्री अरुण बिन्नाडी को भेजा गया है।

इस क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।चुनाव की घोषणा के पहले अमित शाह खुद इन संभागों में जाकर स्थानीय नेताऔं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे और उन्हें चुनावी जीत की रणनीति समझाएंगे।

नेताओं को क्या मिला जिम्मा?उसके पहले तैनात किए संगठन मंत्री और नेता स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर संगठन की कमजोरियों को दूर करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और समर्थकों को उत्साहित करने का काम करेंगे। बताया जा रहा है कि सभी नेता और संगठन मंत्री प्रतिदिन छह-साथ बैठकें कर रहे हैं और जमीनी हालात से शीर्ष नेतृत्व को अवगत भी करा रहे हैं।

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