नई दिल्ली : आप ब्रेकफास्ट में क्या और कितना खा रहे हैं, प्रोटीन और कार्ब्स का संतुलन कैसे बना रहे हैं, इन बातों के अलावा इन्हें खाने का समय भी उतना ही मायने रखता है।
खाने के समय और सेहत पर उसके प्रभाव को लेकर यूके में हुई स्टडी बताती है कि यह आपके मेटाबॉलिज्म, नींद और पूरी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बुजुर्ग इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं। आइए जानते हैं, खाने के टाइम का सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, खाने का एक तय रूटीन कैसे बनाया जा सकता है।
इस स्टडी में सामने आया कि दिन का पहला मील यानी ब्रेकफास्ट का देरी से करना डिप्रेशन, थकान और ओरल हेल्थ से जुड़ी काफी सारी परेशानियां दे सकता है। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि देरी से नाश्ता करने का संबंध मौत के खतरे को भी बढ़ाने से हो सकता है।
इस तरह तय करें ब्रेकफास्ट का समयसुबह उठने के एक से दो घंटे के दौरान अपना ब्रेकफास्ट करने की कोशिश करें। 7 बजे से लेकर 8 बजे के बीच ब्रेकफास्ट कर लेने से आप दोपहर का खाना 1 बजे तक खा सकते हैं और फिर रात का खाना भी समय पर ले सकते हैं।
ब्रेकफास्ट में 25-30 ग्राम प्रोटीन जरूर लें, जिसमें नट्स, अंडे या फिर बीन्स जैसी चीजें शामिल हों। इससे आपकी मसल्स मजबूत होगी, ब्रेन हेल्थ बेहतर होगा और पेट भरे होने का एहसास होगा।
ब्रेकफास्ट का समय ऐसे रखें मेंटेनजितना भी हो सके अपने ब्रेकफास्ट की तैयारी एक रात पहले ही कर लें ताकि आप हड़बड़ी में बिना कुछ खाए घर से ना निकलें या कुछ अनहेल्दी ना खाएं।
हर दिन एक जैसा खाने की बजाय उसमें प्रयोग करते रहें। अपनी सहूलियत और पसंद के अनुसार रेसिपीज की एक लिस्ट किसी डायरी या फोन में नोट कर लें। इससे आपके लिए एक दिन पहले प्लान करना ज्यादा आसान होगा।
नाश्ते के साथ ही फल खाने की बजाय आधे घंटे के गैप पर इसे खाएं, इससे आपको फल और ब्रेकफास्ट दोनों का ही फायदा मिलेगा।



